मामला टल गया है। अब गरीबों की खाद्य सुरक्षा अक्टूबर से होगी। सरकार ने
पहले अप्रैल से योजना लागू करने के लिए कहा था। जिले में सर्वे में भी
लापरवाही हो रही है। अभी तक 50 फीसदी भी सर्वे पूरा नहीं हो पाया है।
गरीबों को इससे चोट पहुंची है। फरवरी में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा
अधिनियम का सर्वे पूरा होना था। देहात व नगर निकायों में सर्वे चल रहा है
लेकिन अभी तक 50 फीसदी भी काम पूरा नहीं हो पाया। शहर पालिका में सर्वे की
जिम्मेदारी शिक्षकों व पालिका कर्मचारियों को दी गई है। डोर
टू डोर सर्वे
होना है। अभी तक कई मोहल्लों में सर्वे करने वाले पहुंचे ही नहीं हैं। सर्वे
के बाद चयनित पात्रों को सस्ती दर पर खाद्यान्न मुहैया कराया जाएगा। सर्वे
न हो पाने से योजना का समय बढ़ाया गया है। इससे गरीबों को झटका लगा है।
अप्रैल से योजना लागू हो जाती तो इन्हें सहूलियत मिल सकती थी। अब इन्हें 6
माह और इंतजार करना होगा। जिला पूर्ति अधिकारी
हिमांशु द्विवेदी का कहना है
कि पहले अप्रैल से योजना लागू होनी थी। अब समय बढ़ा कर अक्टूबर कर दिया
गया है। तकरीबन 50 फीसदी सर्वे हो गया है। जल्द सर्वे पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सर्वे में लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की जाएगी।