फर्रुखाबाद। जिले में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुए 10 दिन बीत चुके हैं। अब तक 39 क्रय केंद्रों पर गेहूं की बोहनी तक नहीं हुई है। राजेपुर स्थित क्रय केंद्र पर शनिवार को पहली बार 54.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। जबकि आढ़तों पर बिकने के लिए गेहूं पहुंच रहा है।
जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की सरकारी खरीद के लिए 40 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के आठ, पीसीएफ के 31 व एफसीआई का एक क्रय केंद्र शामिल है। एक अप्रैल से गेहूं की खरीद के लिए क्रय केंद्र तैयार हैं, लेकिन 10 दिन बाद भी क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं पहुंचा है।
खाद्य विभाग के सातनपुर मंडी के अलावा कमालगंज मंडी, मोहम्मदाबाद मंडी, कायमगंज मंडी प्रथम व द्वितीय, शमसाबाद उपमंडी, नवाबगंज व राजेपुर हमीरपुर सोमवंशी में क्रय केंद्र संचालित हैं। पीसीएफ के 31 में से 30 क्रय केंद्र ग्रामीण क्षेत्र में हैं। खाद्य विभाग के राजेपुर क्रय केंद्र पर शनिवार को गेहूं लेकर पहुंचे किसान का फूल-माला से स्वागत किया गया। इसके बाद गेहूं की तौल शुरू की गई।
आढ़त पर 1950 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल
मंडियों में आढ़तों पर एक सप्ताह पहले तक 2100 से 2150 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद चलती रही। जबकि न्यूतम समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल होने से किसान अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर नहीं ले गए। अब आढ़तों पर 1950 से 2000 रुपये क्विंटल गेहूं बिक रहा।
किसान कर रहे संपर्क, बढ़ेगी खरीद की रफ्तार
जिला खाद्य विपणन अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि अभी तक राजेपुर क्रय केंद्र पर एक किसान से 54.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। अन्य क्रय केंद्रों पर किसानों ने गेहूं बेचने के लिए संपर्क किया है। थ्रेसरिंग भी अब तेजी से शुरू हो गई है। इससे एक सप्ताह में गेहूं खरीद की रफ्तार बढ़ने की संभावना है।