रेड जोन से आने वालों के सैंपल नहीं, सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग
फर्रुखाबाद। रेड जोन आगरा, कानपुर, लखनऊ व ऑरेंज जोन इटावा के रहने वाले कई लोग जिले में विभिन्न विभागों में काम करते है। लॉकडाउन में वह घर चले गए थे। कई दिन रुकने के बाद जब विभागीय काम शुरू हुआ तो ये लौटने लगे हैं। इससे साथी कर्मचारी चिंतित हैं।
कमालगंज ब्लाक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग के करीब 14 व विद्युत निगम के 10 कर्मचारी आए हैं। इसके अलावा अन्य विभागों में भी कर्मचारी रेड व ऑरेंज जोन से लौटे हैं। इसके बावजूद इन जिलों से आने वाले कर्मचारियों के सैंपल नहीं लिए गए। सिर्फ थर्मल स्क्रीनिंग से क्लीन चिट देकर विभागीय काम पर लगा दिया गया।
महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात व अन्य राज्यों में मजदूरी करते थे। लॉकडाउन में वह पैदल, साइकिल व किसी अन्य वाहन से घर लौट रहे है। इन्हें थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद होम क्वारंटीन के लिए घर भेज दिया जाता है। शनिवार को अमृतपुर क्षेत्र के गांव गाजीपुर में नौ लोग महाराष्ट्र से निजी वाहन कर आए और डबरी गांव में पांच लोग दिल्ली से आए।
डा. पुनीत पांडेय, डा. आरएन अग्निहोत्री, डा. प्रतिभा चौधरी, एडीओ पंचायत अजीत पाठक ने इन सभी को विद्यालय बुलाया और थर्मल स्क्रीनिंग करने के बाद स्कूल में ठहराने की बजाए होम क्वारंटीन को घर भेज दिया। इससे जिले में कोरोना का खतरा बढ़ता जा रहा है। होम क्वारंटीन हो रहे लोगों में से अगर एक भी कोरोना पीड़ित निकला तो उसके पूरा परिवार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकता है।