फर्रुखाबाद। जेलर व सीओ सिटी के मुकदमों से बंदी शिवम की चीखों न्याय मिलता नहीं दिख रहा है। दोनों अधिकारियों के दर्ज कराए मुकदमे में घटना के समय में 45 मिनट का अंतर है। मुकदमों में बंदी शिवम का उसी दौरान घायल होने का उल्लेख किया गया है। घायल शिवम लोहिया अस्पताल में 10:35 बजे पहुंचा था। तो इससे साफ है कि दो घंटे तक शिवम जिला जेल में ही तड़पता रहा था।
जिला जेल में पथराव, आगजनी के मामले में जेलर अखिलेश कुमार ने फतेहगढ़ कोतवाली में दर्ज कराए मुकदमे में समय आठ बजे का बताया है। इसमें कहा कि पथराव व आगजनी में बंदी शिवम घायल हो गया था। उसको उपचार के लिए लोहिया अस्पताल भेजा गया। सीओ सिटी प्रदीप सिंह ने बंदियों के खिलाफ दर्ज कराए मुकदमे में जिला जेल में घटना का समय 8:45 बजे बताया है। उनका कहना है कि बंदी उग्र होकर पथराव कर रहे थे। छीनाझपटी के दौरान स्वचलित हथियार चलने के दौरान एक बंदी के घायल होने की बात कही है। जिसको जेल प्रशासन ने लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। बंदी शिवम को 10:35 बजे रविवार सुबह भर्ती कराया गया था।
दोनों अधिकारियों के मुकदमों में दर्ज कराए समय को सही माने तो बंदी दो घंटे तक जेल की चहारदीवार में ही घायल शिमम तड़पता रहा। उसी चीखें किसी को सुनाई नहीं दीं। जब जेल में सभी बंदी बैरकों में बंद कर दिए गए और स्थित सामन्य हो गई। तब बंदी शिवम को लोहिया अस्पताल में पहुंचाने की जहमत उठाई गई। लोहिया अस्पताल से शिवम को सैफई भेजा गया। जहां उसकी मौत हो गई।