फर्रुखाबाद। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के वर्ष 2002 के चर्चित लूट एवं पुलिस पर हमले के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-3 शैलेन्द्र सचान ने आरोपी छोटे जाटव को धारा लूट के मामले में दोषी करार दिया, जबकि आठ अन्य आरोपियों को पुलिस कार्य में बाधा, मारपीट और धमकी देने के आरोप में दोष सिद्ध किया गया।
अदालत ने आरोपी छोटे जाटव को लूट के मामले में दोषी ठहराते हुए पुलिस कार्य में बाधा व मारपीट के मामले में बरी कर दिया। वहीं निहाल सिंह, रघुवीर, नवरतन, जितेन्द्र, गिरीश, दुर्गेश, सत्यवीर और सुधीर को पुलिस के कार्य में बाधा डालने तथा मारपीट करने के मामले में दोषी माना, जबकि उन्हें लूट के आरोप से मुक्त कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार 4 नवंबर 2002 की रात करीब 7:45 बजे ग्राम ढिलावल के पास आम के बाग के सामने राजेश जाटव और उसके साथियों से मारपीट कर 150 रुपये लूट लिए गए थे। गश्त कर रही पुलिस मौके पर पहुंची और छोटे जाटव को पकड़ लिया। दसके पास से लूट की रकम बरामद हुई। इसके बाद गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस पर हमला कर आरोपी को छुड़ाने का प्रयास किया। न्यायालय ने सभी दोषियों की जमानत निरस्त कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। सजा के बिंदु पर सुनवाई 26 मई को होगी।