फोटो-7 इफको केंद्र पर स्टॉक निल की सूचना देखते किसान। संवाद
कायमगंज। डीएपी और यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। सोमवार को दोपहर बाद तक बड़ी संख्या में किसान इफको केंद्र पर इस उम्मीद में डटे रहे कि खाद आ जाएगी, लेकिन स्टॉक न होने से किसी को खाद नहीं मिल सकी।
क्षेत्र में धान की कटाई के बाद अब आलू और गेहूं की बोआई शुरू हो चुकी है। दोनों फसलों के लिए डीएपी खाद की अधिक जरूरत होती है। ऐसे में किसानों को समय पर खाद न मिलने से बोआई प्रभावित होने की आशंका है।
कायमगंज इफको केंद्र पर शनिवार को 50 बोरी एनपीके और 200 बोरी यूरिया वितरण के बाद स्टॉक निल हो गया था। तब से अब तक नई खेप नहीं पहुंची है। सोमवार को सुबह से ही किसान केंद्र पर लाइन लगाकर इंतजार करते रहे। केंद्र खुलने पर उन्हें बताया गया कि खाद नहीं है।
गांव हसनगंज निवासी किसान रामकिशोर ने बताया कि बाढ़ में उनकी धान की फसल बर्बाद हो गई थी। अब खेत सूखने के बाद आलू और गेहूं की बोआई के लिए खाद लेने आए, मगर खाली हाथ लौटना पड़ा।
गांव अजीजपुर निवासी किशन सिंह ने कहा कि इस समय गेहूं, सरसों और आलू के लिए खाद की सख्त जरूरत है। सीजन में पहली बार खाद लेने आए थे, लेकिन केंद्र पर कुछ भी नहीं मिला।
केंद्र प्रभारी सुधीर कुमार ने बताया कि डीएपी, यूरिया और एनपीके का स्टॉक शनिवार को निल हो गया था। नई खेप की डिमांड भेज दी गई है। उम्मीद है, जल्द खाद उपलब्ध हो जाएगी और किसानों को वितरण शुरू कर दिया जाएगा।