फोटो-37 ओपीडी में खाली पड़ी बालरोग विशेषज्ञ की कुर्सी। संवाद
फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को आर्थो के मरीजों को इलाज नहीं मिला। सुबह 10 बजे तक अधिकांश डॉक्टर नदारद रहे। इससे दूरदराज से आए मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
प्रत्येक सोमवार को फतेहगढ़ दिव्यांग बोर्ड में लोहिया अस्पताल के आर्थो, ईएनटी, नेत्र सर्जन की ड्यूटी लगती है। अस्पताल में एकमात्र आर्थो सर्जन डॉ. रिषिकांत वर्मा होने की वजह से हड्डी दर्द से परेशान होकर आए 150 से अधिक मरीजों को बिना इलाज ही लौटना पड़ा।
सुबह 10 बजे तक ओपीडी में डॉ. अभय श्रीवास्तव, डॉ. प्रवीन कुमार, डॉ. ध्रुवराज सिंह ही बैठे मिले। इसके अलावा बाल रोग विशेषज्ञ, हृदयरोग विशेषज्ञ, आर्थो सर्जन, एमडी फिजीशियन, ईएनटी सर्जन सीटों से नदारद थे। हालांकि इन डॉक्टरों के इंतजार में काफी मरीज बैठे थे।
साढ़े 10 बजे के करीब पहुंचे ईएनटी सर्जन डॉ. नवनीत कुमार एक घंटा मरीज देखने के बाद दिव्यांग बोर्ड चले गए। इससे करीब 40 मरीजों को इलाज नहीं मिल सका। सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि डॉक्टरों की कमी की जानकारी उच्चाधिकारियों को भेज चुके हैं। दिव्यांग बोर्ड शासन की योजना है। इसी स्थिति में काम चलाना है। वह खुद ओपीडी में राउंड लेते हैं।
ओपीडी में सोमवार को अन्य दिनों की अपेक्षा मरीजों की भीड़ रही। सुबह 10 बजे के बाद लंबी कतारें लगीं। दोपहर डेढ़ बजे तक 740 मरीजों के पर्चे बनाए गए।
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