फर्रुखाबाद। हर बेटी यही चाहती है कि उसका विवाह ऐसी जगह हो, जहां सब सुविधाएं मिलें। मगर मंगलवार सुबह मोहसिन अपनी बेगम को नाव से लेकर घर पहुंचा। कार बिलालपुर गांव तक ही पहुंच सकी।
हर बेटी चाहती है कि वह अपने शौहर के साथ ससुराल में कार से पहुंचे। मगर मऊदरवाजा थाने के गांव पंखियन की मड़ैया निवासी मोहसिन की पत्नी के साथ ऐसा नहीं हुआ। मोहसिन मंगलवार सुबह करीब छह बजे उन्नाव के शुक्लागंज से बेगम अल्तिफा को विदा कराकर पहुंचा। इस वक्त हैवतपुर गढ़िया के आगे चारों ओर गंगा में आई बाढ़ का पानी है। इससे वह बिलावलपुर तक कार से पहुंच गया। यहां पहले से ही नाव की व्यवस्था थी।
बेगम अल्तिफा को कार से उतारा गया। इसके बाद उसे एक नाव में बैठाया गया। अल्तिफा नाव से शौहर के घर तक पहुंची। हालांकि उसके मकान के अंदर अभी पानी नहीं घुसा है। फिर भी सभी गलियां जलमग्न हैं।