सातनपुर मंडी स्थित मार्केटिंग गोदाम में भंडारित खाद्यान्न की बोरियाें की
रविवार को गिनती कराई गई। यहां तकरीबन गेहूं व चावल की 400 बोरियां
ज्यादा निकलीं। अभी तक गोदामों के निरीक्षण में खाद्यान्न कम मिलता था।
यह पहली घटना है जब गोदाम में खाद्यान्न अतिरिक्त पाया गया है।
शनिवार
की रात उप जिलाधिकारी सुनील वर्मा ने राजस्व कर्मियों के साथ सातनपुर मंडी
की खाद्यान्न गोदाम पर छापा मारकर सील कर दिया था। रविवार सुबह गोदाम में
गेहूं और चावल की बोरियों की गिनती कराई गई। इसमें जानकारी हुई कि गोदाम
में गेहूं और चावल की करीबन 400 बोरियां अतिरिक्त हैं।
इनकी कोई लिखापढ़ी
नहीं है। पहले तो अधिकारियों को विश्वास ही नहीं हुआ लेकिन जब बात मुकम्मल
हुई तो अधिकारियों के होश उड़ गए। गौरतलब है कि गोदामों में छापे के दौरान
खाद्य सामग्री हमेशा कम ही पाई जाती थी। मार्केटिंग अफसर नुकसान दिखाकर
मामले को साध लेते थे। यह पहला वाक्या है, जब किसी सरकारी गोदाम में
संरक्षित की गई बोरियों के अतिरिक्त खाद्यान्न पाया गया।
इस संबंध में
उप जिलाधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि जांच की रिपोर्ट जिलाधिकारी
को भेजी जा रही है। इस संबंध में गोदाम के जिम्मेदारों से जवाब तलब किया
जाएगा। मुआयने में गोदाम की हालत खराब मिली। बोरियां फटी थीं। गेहूं फर्श
पर बिखरा था। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। इस दौरान डीएसओ हिमांशु
द्विवेदी, डिप्टी एआरएमओ अनुराग पांडेय व विजय यादव मौजूद रहे।