अमृतपुर। ग्राम पंचायत स्तर पर लगने वाले ग्रामीण मोबाइल कोर्ट अभियान से ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है। अब छोटे-मोटे वादों के निस्तारण के लिए लोगों को तहसील या अदालतों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।
इससे ग्रामीणों को अपनी दहलीज पर ही न्याय मिल रहा है। न्याय विभाग की इस पहल से अब न्याय ग्रामीणों की दहलीज तक पहुंच चुका है। परिवार, भूमि और आपसी पुराने विवादों का निस्तारण गांव में ही किया जा रहा है।
न्यायाधीश विजय रतन गौतम मोबाइल कोर्ट के तहत गांव-गांव जाकर वादों की सुनवाई कर रहे हैं। इस व्यवस्था से लोगों को न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि धन का व्यय भी घटा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल उनके लिए न्याय घर तक पहुंचने जैसा है। ग्रामीण रामभजन, रामऔतार, विमल कुमार ने बताया कि अब हमें न्याय के लिए महीनों इंतजार नहीं करना पड़ता, गांव में ही फैसला हो जाता है।
अधिवक्ता दीपक मिश्रा, प्रभाकर त्रिवेदी और रामनरेश मिश्र का कहना है कि मोबाइल कोर्ट का उद्देश्य न्याय को आम जनता की पहुंच में लाना है। अब तक 46 मामले निपटाए जा चुके हैं। इसमें 17 अप्रैल को राजेपुर में 10, 31 मई को अमृतपुर में 21 और 19 जून को हरिहरपुर में 15 मामले निपटाए गए।