शहर के लोहाई रोड पर खुला बर्तन बाजार।
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद (ब्यूरो)। जीएसटी के विरोध में शुक्रवार को जिले में बाजार बंदी का मिला-जुला असर रहा। नगर में उद्योग व्यापार मंडल मिश्र व कंछल गुट ने घूम-घूमकर बाजार बंद कराया। दोनों गुटों के व्यापारी अलग-अलग बाजार बंद कराते रहे। बाजार बंदी को लेकर शहर में कई स्थानों पर व्यापार मंडल के नेताओं की दुकानदारों से नोकझोंक भी हुई। व्यापारियों ने मॉल भी बंद कराए। कंछल गुट के व्यापारियों ने वित्तमंत्री की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और नारेबाजी के बीच उनका पुतला फूंका। कई दुकानदारों ने प्रदर्शनकारी व्यापारियों के जाते ही अपनी दुकानें फिर खोल लीं।
उद्योग व्यापार मंडल मिश्र गुट के प्रदेश उपाध्यक्ष अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ और जिलाध्यक्ष संजीव मिश्र बॉवी के नेतृत्व में त्रिपोलिया चौक से व्यापारियों ने बाजार बंद कराने की शुरूआत की। रेलवे रोड मठिया देवी मंदिर के पास स्थित एक मॉल को बंद कराने को लेकर व्यापारियों की मॉल के कर्मचारियों से नोकझोंक हुई। व्यापारियों ने दबाव बनाकर मॉल बंद करा दिया। रस्तोगी मोहल्ला नुक्कड़ पर खुली पान की दुकान तक बंद करा दी गई।
रेलवे रोड पर रंजन स्टूडियो के मालिक से दुकान बंद कराने को लेकर व्यापारियों की जमकर नोकझोंक हुई। जिलाध्यक्ष ने बीच में पड़कर मामला शांत कराया। उधर, कंछल गुट के व्यापारियों से नेहरू रोड पर सर्राफा कमेटी के नगर अध्यक्ष मनोज रस्तोगी से उनकी दुकान बंद कराने को लेकर नोकझोंक हुई। तमाम प्रयासों के बाद भी मनोज रस्तोगी ने दुकान बंद नहीं की। इसके बाद पहुंचे मिश्र गुट के जिलाध्यक्ष व जिला उपाध्यक्ष के कहने पर नगर अध्यक्ष ने अपनी दुकान बंद की और बाजार बंदी में शामिल हुए।
दोपहर बाद कंछल गुट के नगर अध्यक्ष मनोज मिश्र के नेतृत्व में लाल दरवाजा से त्रिपोलिया चौक तक वित्तमंत्री अरुण जेटली की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली गई। बाद में त्रिपोलिया चौक पर नारेबाजी के बीच पुतला आग के हवाले कर दिया गया। कई दुकानदारों ने तो व्यापारियों के जाते ही और कुछ ने दोपहर बाद अपनी दुकानें फिर खोल लीं। फतेहगढ़ में भी व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने सुबह बाजार बंदी कराई। यहां भी दोपहर बाद बाजार खुल गया। इस अवसर पर मिश्र गुट के नगर अध्यक्ष इकलाख खां, महामंत्री राकेश सक्सेना, उपाध्यक्ष मनोज राठौर, अजय मेहरोत्रा, राजू गुप्ता, रिजवान, विनोद गुप्ता, सुजीत, अल्लारक्खा और उमेश चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।