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अहमदाबाद से लौटे प्रवासी की 13वें दिन बुखार से मौत

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अहमदाबाद से लौटे प्रवासी की 13वें दिन बुखार से मौत
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नवाबगंज (फर्रुखाबाद)। गैर प्रांत व महानगरों से लौटे प्रवासी होम क्वारंटीन का पालन नहीं कर रहे हैं। इससे जनपद में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ता दिख रहा है। 13 दिन पूर्व अहमदाबाद से लौटे प्रवासी मजदूर की खांसी-बुखार से तबियत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। कोरोना के भय से उसके अंतिम संस्कार में भी परिजनों के अलावा कोई ग्रामीण शामिल नहीं हुआ।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव नादीवीरपुर निवासी 54 वर्षीय ग्रामीण अहमदाबाद में गोलगप्पे बेचता था। 18 मई को ट्रेन से कानपुर, और वहां से फर्रुखाबाद आया था। रेलवे स्टेशन पर थर्मल स्क्रीनिंग के बाद राशन सामग्री देकर उसे घर भेज दिया गया। शाम को जुकाम-बुखार हुआ और खांसी भी आने लगी।
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इस पर मोहम्मदाबाद में एक निजी चिकित्सक से उपचार कराया। शुक्रवार को परिजन उसे मोहम्मदाबाद ले गए। वहां से मना किए जाने पर शनिवार दोपहर 12.20 बजे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। शाम को परिजन एंबुलेंस से कानपुर ले जा रहे थे, रास्ते में ही मौत हो गई।
बड़े भाई ने बताया कि लोहिया अस्पताल में भी कानपुर ले जाने की सलाह दी गई थी। रास्ते में ही भाई ने दम तोड़ दिया। इसके बावजूद एंबुलेंस चालक कानपुर हैलट हॉस्पिटल तक लेकर गया। वहां से शव घर ले आए। शनिवार को गांव के किनारे खेत में परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।
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गांव के लालाराम, बदन सिंह, कामता प्रसाद, बनवारी लाल आदि का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण की कोरोना जांच करानी चाहिए थी। ग्रामीण को सीधे घर भेजे जाने से वह परिजनों के अलावा गांव के लोगों के भी संपर्क में रहा था। ग्रामीण के घर में भाई-भतीजों सहित 10 लोग हैं।
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