फर्रुखाबाद। माघ पूर्णिमा पर स्नान के लिए शनिवार रात मेला रामनगरिया में श्रद्धालुओं की संख्या हजारों की तादाद में बढ़ गई। मनोरंजन क्षेत्र भीड़ से खचाखच भरा था। इससे झूलों पर ओवरलोडिंग थी। बड़े झूले पर 50 की क्षमता से दो गुने लोगों को बैठाया गया। इससे चार बोगियों(डलियों) के नट टूट गए। भयभीत लोग झूला रुकते देख कूदने का प्रयास करने लगे। वहीं टिकट के रुपये वापस न करने पर लोगों ने हंगामा कर दिया। पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास करती रही।
मेला रामनगरिया के मनोरंजन क्षेत्र में रात को बड़े झूले पर ओवरलोड बोगियां भरी गईं। 25 बोगियों में मानक के अनुसार 50 की जगह 100 लोगों को बैठाया गया। ओवरलोडिंग से झूले की चार बोगियों के नट टूट गए। इसकी आवाज सुनते ही पास में मौजूद फायरब्रिगेड चालक चंद्रप्रकाश, सिपाही वीरपाल व विनोद कुमार उस ओर दौड़े और झूला रोकने को कहा।
नट टूटने से चारो बोगियां दूसरी बोगी से सहारे अटक गईं। झूला घूमने से भयभीत लोगों में चीखपुकार मच गई। किसी तरह रस्सा डालकर झूला रोका गया। इस बीच झूले पर बैठे लोग कूदने का प्रयास करने लगे। हालांकि उन्हें भी समझाकर रोका गया। भीड़ के आक्रोश को देखते हुए मेला थाना प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि वसूली के खेल के चलते पुलिस झूला संचालक को बचाने के प्रयास में भीड़ पर दबाव बनाती रही। वहीं लोगों ने जब टिकट के रुपये वापस करने को कहा तो कोई सुनवाई नहीं हुई।
झूला झूल रहे शहर के निवासी लवकुश, श्यामसुंदर, न्यामतपुर ठाकुरान निवासी दीपू, चंदन, छिबरामऊ निवासी मोनू दुबे व सुशील ने बताया कि 50 रुपये की टिकट लेकर वह बैठे थे। जबकि अन्य परिजन व परिचित लोग अगले राउंड में झूलने को टिकट लेकर खड़े थे। किसी को भी टिकट के रुपये वापस नहीं किए गए। ऊपर पुलिस उन्हें ही भगाने का दबाव बनाती रही।
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