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माफियाओं को खौफ नहीं, दिल्ली व जयपुर मार्ग पर डग्गामारी

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फर्रुखाबाद। बस माफिया बेखौफ हैं। जिम्मेदारों की मिलीभगत से माफिया दिल्ली व जयपुर मार्ग पर बस चलवा रहे हैं। सोमवार रात लोगों ने कार से पीछा कर तीन बसें पकड़ लीं, पीटीओ ने कुल छह बसों को सीज कर दिया।
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कादरी गेट पर अवैध बस स्टैंड चलता था। वहां से प्रतिदिन 200 बसें दिल्ली व जयपुर के लिए निकलती थीं। अवैध वाहन स्टैंड हटाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद एआरटीओ कार्यालय से बस माफिया को सतर्क किया गया था। बस माफिया ने अवैध स्टैंड बंदकर दिया और अपनी बस अलग-अलग स्थानों पर खड़ी करवा दीं। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी शहर में भ्रमण कर दावा करते रहे कि अवैध स्टैंड कहीं पर नहीं हैं। प्राइवेट बसें भी दिल्ली व जयपुर मार्गों पर नहीं चल रही हैं, लेकिन अधिकारियों के दावों की पोल सोमवार रात खुल गई।
तीन स्लीपर बसें दिल्ली की सवारियां भरकर कायमगंज की ओर जा रही थीं। लोगों ने कार से पीछा कर तीन बसों को मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव तुर्कीपुर के पास रोक लिया और पुलिस व एआरटीओ को बस चलने की सूचना दी। लगभग एक घंटे बाद पहुंचे पीटीओ वीके आनंद ने तीनों बसों को सीज कर दिया। बस में बैठे यात्रियों ने हंगामा कर दिया तो रोडवेज से बस बुलाकर सभी को दिल्ली भेजने की व्यवस्था की गई। इसके बाद पीटीओ ने शमसाबाद व नवाबगंज में चेकिंग के दौरान तीन अन्य बसें सीज कर दीं।
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पीटीओ वीके आनंद ने बताया कि छह बसें सीज की गईं हैं। तीन बसें लोगों ने पकड़कर सूचना दी थी। डग्गामार बसों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
हर माह बस संचालन का मिलता टोकन
माफिया दिल्ली व जयपुर मार्ग पर बस चलाने के लिए हर महीने एआरटीओ कार्यालय से टोकन लेते हैं। चौकी से लेकर जनपद के सभी थाने जहां से बस गुजरती है, उनको बस माफिया महीना बंदी का लिफाफा देते हैं। सर्किल के बड़े अधिकारी का ड्राइवर भी साहब का लिफाफा हर महीने लेकर जाता है। ऐसे में बस माफियाओं पर अधिकारी शिकंजा कैसे कस पाएंगे। यह सवाल है। सूत्रों के मुताबिक एक सफेदपोश का भी बस माफियाओं पर हाथ है। वह भी बस माफियाओं से लाभ लेते रहते हैं।
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