फर्रुखाबाद। हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) तरुण कुमार सिंह-प्रथम ने मैनपुरी जिले के थाना बेवर के नदुलिया निवासी अरुण उर्फ अकिलानंद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
जनपद मैनपुरी के थाना बेवर के नदुलिया निवासी जीतू जाटव ने कोतवाली मोहम्मदाबाद में 20 मई 2012 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बताया था कि गांव का ही रहने वाला अरुण उर्फ अकिलानंद 16 मई 2012 को पिता अमर सिंह जाटव को दवा दिलाने के बहाने मोटरसाइकिल से बेवर ले गया था। इसके बाद वह घर नहीं लौटे। चार दिन बाद मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव सिनौड़ा ईश्वरी के जंगल में उनका शव बरामद हुआ। आरोप लगाया था कि अरुण के उसकी मां से लंबे समय से संबंध थे और चार बीघा जमीन पर कब्जा करने की नीयत से उसके पिता की हत्या की गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। अरुण को अदालत ने 28 जुलाई को दोषी करार दिया था।