फर्रुखाबाद। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर शातिरों को चिह्नित किया जा रहा है। इसमें पुलिस मनमानी कर रही है। किशोर की उम्र 22 वर्ष दिखाकर उसे गुंडा घोषित कर दिया, जबकि शातिर को बचाने के लिए उसके 18 मुकदमे कम कर दिए। जांच में पुलिस के इस खेल से पर्दा उठने के बाद जिलाधिकारी ने किशोर के खिलाफ गुंडा एक्ट का नोटिस वापस कर दिया, जबकि चार शातिरों को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया है।
विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण कराने के लिए इन दिनों शातिरों को चिह्नित कर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने पांच लोगों को गुंडा घोषित कर जिलाबदर करने की संस्तुति जिलाधिकारी से की। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने सभी मामलों की सुनवाई की। मऊदरवाजा थाना पुलिस ने रकाबगंज निवासी सुभाष गिहार के खिलाफ दो मुकदमे दिखाकर गुंडा एक्ट की कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी को आख्या भेजी।
इस पर जिलाधिकारी ने पुलिस से दोबारा आख्या तलब की तो उसके खिलाफ 18 मुकदमे और निकले। सुभाष गिहार के खिलाफ कुल 20 मुकदमे दर्ज होने पर डीएम ने उसे छह माह के लिए जिलाबदर कर दिया। इसके अलावा फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव कठेरियन नगला निवासी जगदीश, नवाबगंज क्षेत्र के गांव दुनाया निवासी अभिषेक और कंपिल निवासी गबड़ू को छह माह के लिए जिलाबदर किया है।
उधर, कायमगंज के मोहल्ला गंगादरवाजा निवासी किशोर पर पुलिस ने गुंडा एक्ट की कार्रवाई कर दी। जांच रिपोर्ट में पुलिस ने एक मामला किशोर न्याय बोर्ड में चलने का तथ्य दिया। इस पर सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने परिजनों से उम्र के साक्ष्य मांगे। साक्ष्यों में किशोर की उम्र 16 वर्ष निकली, जबकि पुलिस ने किशोर की उम्र 22 वर्ष दिखाई थी। जिलाधिकारी ने नाबालिग होने की स्थिति में किशोर के खिलाफ गुंडा एक्ट का नोटिस वापस कर दिया।