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स्कूलों की खेल किट खरीद में ‘खेल’ की तैयारी

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फर्रुखाबाद। शैक्षिक सत्र 2021-22 में खेल किट खरीद के लिए भेजी गई धनराशि से स्कूलों में खेल सामग्री नहीं खरीदी गई। इसकी पोल जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण में खुली है। कोरोना संक्रमण में तीन माह तक स्कूल बंद रहने से पहले खरीदी गई खेल किट का उपयोग नहीं हुआ। पुरानी किट को नई खरीद में दिखाकर धन का गोलमाल करने का खेल चल रहा है।
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1575 विद्यालय हैं। इनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों में खेल की भावना जगाने के लिए प्रदेश सरकार वर्ष 2019-20 से लगातार स्कूलों को खेल किट खरीदने के लिए धनराशि दे रही है। शैक्षिक सत्र 2021-22 में प्राइमरी स्कूलों के लिए पांच-पांच हजार और जूनियर स्कूलों के लिए 10-10 हजार रुपये का बजट खेल किट खरीदने के लिए शासन से आया था। यह धनराशि स्कूलों के एसएमसी खातों भेज दी गई थी। छात्रों की रुचि के अनुसार खेल सामग्री खरीदने के आदेश दिए गए थे।
इस धनराशि से अधिकांश स्कूलों में खेल किट की खरीद नहीं गई। शैक्षिक सत्र 2019-20 व 2020-21 में जो खेल किट खरीदी गई थी। वह कोरोना संक्रमण के कारण अधिकांश दिन स्कूल बंद रहने से खरीदी गई खेल किट का छात्र प्रयोग नहीं कर पाए। इससे अधिकांश स्कूलों में पुरानी खेल किट के सहारे नई खेल किट के आए धन का गोलमाल का खेल करने की तैयारी है। इससे 2021-22 में जो धन स्कूलों में भेजा गया था, उससे अधिकांश स्कूलों में खेल किट नहीं खरीदी गई। इसकी हकीकत अफसरों के निरीक्षण में खुलकर सामने आई है।
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बीएसए ने 31 जनवरी को राजेपुर क्षेत्र के चार स्कूलों का निरीक्षण किया था। इनमे से तीन में खेलकिट न खरीदने का मामला सामने आया। एक स्कूल में खरीद की जानकारी दी गई। पर दूसरी किट नहीं दिखाई गई। खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निरीक्षण में अधिकांश विद्यालयों में खेल किट न खरीदने का मामला मिल रहा है।
शैक्षिक सत्र 2020-21 में प्राइमरी स्कूलों में पांच-पांच और जूनियर स्कूलों में 10-10 हजार रुपये खेल किट खरीद के लिए भेजे गए थे। यह खेल किट शिक्षकों को खरीदनी थी, लेकिन विकास भवन के एक अधिकारी ने खेल सामग्री खरीदने के लिए विकास भवन में मेला लगवाया था। इसमें दूसरे जिले के दुकानदारों को बुलाकर स्कूलों में खेल किट की सप्लाई कराई थी। जो किट स्कूलों में दी गई थी, उसकी गुणवत्ता पर सवाल भी उठे थे।
‘सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने क्षेत्र के विद्यालयों में से 25 प्रतिशत स्कूलों में खेल किट खरीद और उसकी गुणवत्ता की जांच करने का आदेश दिया है। पांच दिन में रिपोर्ट मांगी है। सभी स्कूलों के शिक्षकों को खेल किट खरीदने के लिए प्रेरित करने के भी निर्देश दिए हैं।’
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लालजी यादव, बीएसए फर्रुखाबाद
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