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आवक घटने के बाद भी मंडी के बाहर आलू की तौल

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फर्रुखाबाद। आवक कम होने के बाद भी आलू की तौल मंडी के बाहर हो रही है। कई दिनों से मंडी शुल्क चोरी करने का खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मिलीभगत के खेल में जिम्मेदार इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। शनिवार को मंडी में जाम न होने के बावजूद पीसीएफ गोदाम परिसर व सड़क किनारे तौल होती रही।
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सातनपुर मंडी में आलू की आवक बढ़ी तो मंडी शुल्क चोरी का खेल भी तेज हो गया। जिम्मेदारों से मिलीभगत करके मंडी के बाहर सड़क किनारे व पीसीएफ गोदाम परिसर में आलू की खरीद-फरोख्त हो रही है। मंडी निरीक्षक दिन भर भ्रमण करते रहते हैं, इसके बावजूद बिना गेट पास के वाहन लोड हो रहे हैं। मंडी शुल्क को चूना लगाया जा रहा है।
कुछ आढ़तियों का कहना है कि जब मौके पर ही हिसाब हो जाता है तो गेटपास की जरूरत ही क्या है। शनिवार को मंडी में करीब 230 ट्रक आलू की आमद हुई। औसतन 801 रुपये से लेकर 1031 रुपये क्विंटल के भाव में आलू की बिक्री हुई। इसके अलावा लाल हॉलैंड आलू 1101 से 1321 रुपये क्विंटल, 3797 आलू 1051 से 1151 रुपये, चिप्सोना सुपर 1101 से 1251 रुपये व
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फुलवा आलू 1501 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका। जाम न होने के बावजूद व्यापारी मंडी गेट के बाहर सड़क किनारे आलू की तौल कराते रहे। इससे न तो उन्होंने गेट पास कटवाया और न ही मंडी शुल्क जमा किया। पीसीएफ गोदाम परिसर भी करीब 15 दिनों से अवैध मंडी स्थल बना है। मंडी के बाहर प्रतिदिन 30 से 40 ट्रक आलू की खरीद-फरोख्त की जा रही है।
सातनपुर मंडी सचिव डॉ. दिलीप कुमार वर्मा ने मंडी शुल्क की चोरी रोकने के लिए सचल दल गठित किया है। इसमें मंडी निरीक्षक शिवम सक्सेना को सचल दल प्रभारी, जबकि मंडी निरीक्षक नागेंद्र सिंह व मंडी सहायक श्याम सिंह को सह प्रभारी बनाया गया। इन्हें
सातनपुर मंडी के अलावा कायमगंज, कमालगंज व मोहम्मदाबाद मंडी में अभियान चलाकर मंडी शुल्क चोरी करने वालों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद सातनपुर मंडी के बाहर आंखों के सामने टैक्स चोरी का खेल चल रहा है।
सातनपुर मंडी में अंदर की तरफ सब्जी मंडी है। वहां छोटे व्यापारी व किसान हरी सब्जी, सोया, गोभी, धनियां, मिर्च आदि लाकर थोक में बेचते हैं। मंडी में बनी पानी की टंकी की पाइपलाइन टूटी होने से हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। नाली जाम होने से फड़ों
तक पानी व कीचड़ भर गया है। इससे विक्रेताओं को सब्जी लगाने के लिए जगह भी नहीं मिल पा रही। मंडी प्रशासन इस समस्या पर भी ध्यान नहीं दे रहा है।
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कोट...
‘मंडी के बाहर आलू की तौल होना नियम विरुद्ध है। इस संबंध में जांच कराकर मंडी निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करेंगे। सब्जी मंडी में पानी भरने से हुई अव्यवस्था शीघ्र दूर होगी।’
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- डॉ. दिलीप कुमार वर्मा, मंडी सचिव।
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