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कमालगंज में भाजपा को पहली बार प्रमुख पद

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कमालगंज। जिले के सबसे बड़े विकास खंड में ब्लाक प्रमुख पद पहली बार भाजपा की झोली में आने की गुरुवार को पटकथा लिखी गई तो समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। आखिर तक किसी और प्रत्याशी के न आने पर कार्यकर्ता खुशी से उछल पड़े। ब्लाक कार्यालय के गेट से लेकर रेलवे तिराहे तक आतिशबाजी चलाकर कार्यकर्ता झूमे।
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भाजपा प्रत्याशी शकुंतला राजपूत करीब 12 बजे ब्लाक नामांकन दाखिल करने पहुंची। भोजपुर विधायक नागेंद्र सिंह राठौर ने मुहूर्त के अनुसार 12.18 बजे नामांकन पत्र के दो सेट दाखिल कराए। दूसरा नामांकन दाखिल न होने पर कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी छुड़ानी शुरू कर दी, ढोल भी बजने लगे।
मिशन 2022 के विधानसभा चुनाव के समीकरण साधने की कवायद रही कि प्रस्तावक उस्मानगंज के क्षेत्र पंचायत सदस्य विवेक कटियार और अनुमोदक खुदागंज के महेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू ठाकुर रहे। इस दौरान जिला अध्यक्ष रूपेश गुप्ता, निर्विरोध निर्वाचित शकुंतला देवी के पति आढ़ती एसोसिएशन कानपुर के अध्यक्ष शीलचंद्र राजपूत, जेठ भाजपा के जिला महामंत्री व पूर्व जिला पंचायत सदस्य फतेहचंद राजपूत, क्षत्रीय महासभा के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राठौर, राजेश प्रताप, राजीव मिश्रा, प्रदीप सिंह आदि रहे।
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सांसद व विधायक ने सुबह मन्नी सिंह के शीतगृह में उनसे वार्ता की और पत्नी नीलिमा सिंह को चुनाव न लड़ने के लिए मनाया। बुधवार शाम को भी एक व्यापारी के यहां बैठक चली थी। पिछली बार मन्नी सिंह के पुत्र शिवा सिंह चुनाव लड़े थे। उनके मुकाबले सपा विधायक जमालुद्दीन के पुत्र राशिद जमाल जीत गए थे। 2010 में राशिद जमाल निर्विरोध चुने गए थे। मन्नी सिंह ने बताया कि उनकी इस बार भी तैयारी पूरी थी।
शकुंतला देवी को लड़ाने के लिए भाजपा में पहले ही फैसला हो गया था। इसीलिए जिला महामंत्री फतेहचंद राजपूत व उनके परिवार के किसी अन्य को जिला पंचायत सदस्य के बजाय प्रमुख पद की तैयारी को कहा गया था। दरअसल पंचम सीट से फतेहचंद का दावा अधिक मजबूत था। शकुंतला देवी निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य थीं। जिला महामंत्री भी इस सीट से जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। बाद में रोहिताश वर्मा को सदस्य पद पर उतारा गया था। फतेहचंद के पुत्र पंकज राजपूत मंडल महामंत्री हैं। पिछले कुछ समय से दोनों लोगों ने संगठन में खासी छाप छोड़ी है। अंत में सांसद व भोजपुर विधायक की रणनीति से प्रमुख पद पर निर्विरोध निर्वाचन की काट विरोधियों को नहीं सूझ पाई।
कमालगंज। सपा के विधानसभा क्षेत्र प्रभारी व पूर्व सपा विधायक जमालुद्दीन सिद्दीकी के पुत्र अरशद जमाल सिद्दीकी की पत्नी हिना कौसर सिद्दीकी के महिला वर्ग के लिए आरक्षित प्रमुख पद पर चुनाव में उम्मीदवार बनने की पूरी तैयारी थी। वह पूर्व विधायक के पैतृक गांव जरारी से बीडीसी चुनाव जीतीं थीं। उनके देवर दो बार के ब्लाक प्रमुख राशिद जमाल सिद्दीकी भी इस बार भड़ौसा से निर्विरोध बीडीसी चुने गए थे। 31 मुस्लिम बीडीसी को देखते हुए हिना कौसर के चुनाव में उतारने की संभावना थी। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के बाद उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला अंतिम समय में बदल दिया।
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