फर्रुखाबाद/अमृतपुर। पांचालघाट पर लगा मेला रामनगरिया श्रद्धा-भक्ति से सराबोर है। दिन में भागवत कथा सुनकर व रात में रामलीला देख कल्पवासी मंत्रमुग्ध हैं। भोर होते ही हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ पुण्य की धारा बह रही है।
पांचालघाट गंगा तट पर मेला रामनगरिया शुरू हुए आठ दिन बीत चुके हैं। इससे गंगा स्नान से लेकर दान-पुण्य करने का सिलसिला दिन भर चल रहा है। सांस्कृतिक पंडाल में आचार्य तिलकेंद्र शेखर त्रिपाठी ने श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण जन्म का वर्णन किया। इस दौरान जन्म महोत्सव बड़ी धूम-धाम से मनाया गया। इस दौरान भक्त कथा सुनकर मंत्रमुग्ध हो गए। मेला रामनगरिया के मनोरंजन क्षेत्र में झूले चालू होने से भीड़ भी बढ़ने लगी है। इससे एक ओर बच्चे व युवा मनाेरंजन क्षेत्र में लुत्फ उठाते दिख रहे हैं, तो दूसरी ओर कल्पवासी अपनी साधना में मस्त हैं।
शिक्षा व सत्संग से मनुष्य में होता है बदलाव
वैदिक क्षेत्र के चरित्र निर्माण शिविर में यज्ञ करने के साथ ही आर्य परिवारों के बच्चों का अन्नप्राशन किया गया। इसके साथ ही संतान को संस्कार देकर चरित्र निर्माण सिखाया गया। आचार्य चन्द्रदेव शास्त्री ने बताया कि मनुष्य जीवन की उन्नति शिक्षा और सत्संग से कर सकता है। शिक्षा और सत्संग हमारे समाज व राष्ट्र की दशा और दिशा बदलती है। आचार्य प्रदीप शास्त्री ने कहा कि सत्संग की गंगा में जो नित्य नहाते हैं, वह पावन बन जाते हैं। पं.शिवनारायण आर्य, पं.धनीराम बेधड़क ने भजन सुनाकर सतमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कु.उदिता आर्या ने भी भजन सुनाए। स्वामी महेन्द्रानंद ने संचालन किया। आचार्य ओमदेव, उत्कर्ष आर्य, उदयराज आर्य, शिशुपाल आर्य, अजीत आर्य, रत्नेश द्विवेदी, उपासना कटियार रहे।
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दो साधु व युवक को गंगा में लगे गोते, घाटों पर गोताखोर नहीं
वैष्णव क्षेत्र बरगदिया घाट के महंत विष्णुदास, कनाहरी क्षेत्र के महंत उपेन्द्र दास सुबह गंगा स्नान करने गए। कटान होने से घाट के पास गहराई हो गई। इससे महंत का पैर गहरे पानी में चला गया और वह डूबने लगे। यह देख पास में स्नान कर रही महिलाएं चिल्लाने लगीं, कोई गोताखोर नहीं आया। मैनपुरी की रेखा ने पानी में साल फेंककर बचाने का प्रयास, लेकिन साल न पकड़ पाने से महंत करीब 10 मीटर दूर तक बहते चले गए। गंगा की पहाड़ी के किनारे आने से वह बाल-बाल बच गए। वहीं कन्हारी क्षेत्र के महंत उपेंद्रदास भी स्नान के दौरान गहरे पानी में बहने लगे, लेकिन वह तैरकर किसी तरह निकल आए। एक युवक भी डूबने से बच गया। संतों का कहना है कि कई बार कहने पर घाट पर बैरिकेडिंग व गहरे पानी के संकेतक नहीं लगाए गए। घाटों पर गोता खोर भी नहीं दिख रहे हैं।
घाटों पर कटान होने से पंडा परेशान
गंगा घाटों के सामने कटान तेजी से हो रहा है। इससे पंडों को परेशानी हो रही है। पंडा अपने घाटों के सामने बालू बोरी भरकर लगाने के साथ घाटों से टटिया हटाते रहते हैं। पंडा मुन्ना, बाग़िश, सत्यपाल, विनोद कुमार, ऋषिकेश, मनोज कुमार आदि ने बताया है कि गंगा के तेज बहाव से करीब डेढ़ मीटर घाट कट गए हैं। वहीं सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि नरौरा बांध से गंगा में 4521 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
नाव झूला टेस्टिंग में सुरक्षा जाली से टकराया, मची भगदड़
फर्रुखाबाद। पांचालघाट मेला रामनगरिया के मनोरंजन क्षेत्र में झूले लगाए गए हैं। इन झूलों को चलाकर चेक किया जा रहा है। सोमवार को नाव झूला की टेस्टिंग के दौरान नाव सुरक्षा जाली से टकरा गई। इससे जाली टूट गई। जाली में नाव की टक्कर लगने के दौरान तेज आवाज हुई। इससे मनोरंजन क्षेत्र में भगदड़ मच गई। कर्मचारियों ने झूला बंद कर सुरक्षा जाली को हटाया। हालांकि किसी के घायल होने या चोट लगने की जानकारी नहीं मिली।
बम निरोधक दस्ते ने मेले में की निगरानी
फतेहगढ़ पुलिस लाइन से पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने मेला क्षेत्र में भ्रमण कर निगरानी की। मेला में खड़े वाहनों के अलावा कल्पवास क्षेत्र के रास्तों, दुकानों आदि के पास निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था परखी।
सांस्कृतिक पांडाल में रामलीला का मंचन करते कलाकार।- फोटो : स्वास्थ्य मेले में मरीजों का परीक्षण करते डॉक्टर।