दो गांव को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने एक वर्ष परियोजना बनाकर शासन को भेजी थी। पर अभी तक परियोजना मंजूर नहीं हो सकी है। इससे अब रामगंगा का जलस्तर बढ़ा तो गांव अलादपुर भटौली में बचे घर कट सकते हैं। कोलासोता गांव के भी कटने की आशंका है। इससे ग्रामीण चिंतित हैं।
तहसील क्षेत्र के गांव अलादपुर भटौली व कोला सोता रामगंगा के किनारे बसे हैं। पिछले साल रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से अलादपुर भटौली के लगभग 25 घर रामगंगा की तेज धार में कट गए थे। इस गांव को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने 3 करोड़ 16 लाख, गांव कोलासोता के लिए 3 करोड़ 96 लाख की परियोजना बना कर पिछले साल भेजी थी।
एक साल बीत जाने के बाद भी शासन से स्वीकृति नहीं मिली है। इससे अलादपुर भटौली में बचे शेष 15 घरों पर संकट के बादल छाने लगे हैं। इस गांव के ग्रामीण शिवरतन वर्मा, रामऔतार, राजीव कुमार, सर्वेश मोरपाल आदेश आदि का कहना है कि शासन व जिला प्रशासन की लापरवाही से अलादपुर भटौली में ग्रामीण भूमिहीन व बेघर हो गए हैं।
इस गांव में जो घर बचे हैं, अब वह भी कट जाएंगे। रामगंगा का जलस्तर जैसे बढ़ा तो कटान होने लगेगा। कोलासोता के जयपाल सिंह , रक्षपाल, सतीश सिंह, अमरजीत सिंह आदि ग्रामीणों का कहना है कि हमारे गांव की सैकड़ों बीघा जमीन पिछले साल रामगंगा के तेज बहाव से कट चुकी है।
रामगंगा गांव के पास बहने लगी हैं। कटान शुरू हुआ तो गांव कटने लगेगा। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार सिंह ने बताया कि परियोजना की स्वीकृति मिलने पर काम शुरू हो पायेगा।