बिजली विभाग में 20 दिन पूर्व किए गए लिपिकों के स्थानांतरण के बावजूद अधिकारियों ने उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया है। इससे कुर्सी पर डटे लिपिक स्थानांतरण आदेश रुकवाने की जोड़तोड़ में लगे हैं। इस पर मुख्य अभियंता ने एसई को स्थानांतरित कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त किए जाने के आदेश दिए। इसके साथ ही कार्यमुक्त न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
स्थानांतरण नीति 2019-20 के अनुसार दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्य अभियंता कानपुर मंडल एसके गुप्ता ने 6 जुलाई को जिले के 10 कार्यालय सहायक तृतीय के स्थानांतरण गैर जनपद किए। यह सभी लिपिक वर्षों से एक ही पटल पर जमे हैं। इनमें अधिकांश स्थानीय निवासी हैं।
पिछले वर्षों में भी इनके स्थानांतरण हो चुके हैं, लेकिन यह अपनी सीटों पर काबिज रहे। इस बार भी स्थानांतरण रुकवाने का पूरा जोर लगाया जा रहा है। हालांकि गुरुवार को मुख्य अभियंता एसके गुप्ता ने अधीक्षण अभियंता को इस संबंध में पत्र जारी कर दिया।
इसमें कहा कि स्थानांतरण नीति के अनुपालन की अंतिम तिथि 22 जुलाई निकलने के बावजूद कर्मचारियों को तबादले पर कार्यमुक्त किए जाने के संबंध में उन्हें रिपोर्ट नहीं भेजी गई। कुछ कर्मचारियों द्वारा उच्च न्यायालय में दायर की गई रिट भी खारिज हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि निदेशक (कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन) आगरा द्वारा समीक्षा की जा रही है। स्थानांतरित कर्मियों का जुलाई का वेतन भुगतान नवतैनाती कार्यालय से ही कराया जाए। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
बिजली विभाग में कार्यालय सहायक तृतीय पद पर तैनात बृजेश कुमार गंगवार को इटावा, अनुराग गुप्ता को कन्नौज, सीमा सक्सेना व विनय कुमार शुक्ला को कन्नौज, सुनील कुमार, रमेश कुमार, अमित कुमार मिश्रा, संदीप कुमार वर्मा, राजेश कुमार व कायमगंज डिवीजन से रवींद्र कुमार को कानपुर स्थानांतरित किया गया था।
इनकी जिले में हुई तैनाती : जनपद कन्नौज से दिलीप कुमार, दिबियापुर से संतोष कुमार दीक्षित, कानपुर से जितेंद्र कुमार, सुमित कुमार सिंह, विजय कुमार, मुकेश प्रजापति, अनिल कुमार चतुर्वेदी, आशीष कुमार व अवनीश कुमार चौरसिया की जनपद में तैनाती की गई थी।