फर्रुखाबाद। आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय स्कूलों में सामानों की आपूर्ति में घपलेबाजी की परतें खुलती जा रही हैं। ऑक्सीमीटर, थर्मल स्कैनर, इंसीनरेटर के बाद अब बच्चों के झूलों पर शिक्षा माफियाओं ने खेल कर दिया। तीन ग्राम पंचायतों में बिना झूला लगे ही चहेती फर्म को भुगतान कर दिया गया। बता दें कि इंसीनरेटर खरीद मामले में फिरोजाबाद की एक फर्म को काली सूची डाला जा चुका है। इस फर्म से किसी भी ग्राम पंचायत का अनुबंध नहीं था। बावजूद इससे खरीद होती रही।
जानकारी के मुताबिक परिषदीय स्कूलों में ग्राम पंचायतों से आपरेशन कायाकल्प के तहत सुंदरीकरण कराया जा रहा है। स्कूलों के लिए सामान की खरीद फरोख्त में जमकर घपलेबाजी खुलकर सामने आ रही है। शमसाबाद की ग्राम पंचायत बछलैया, बक्सुरी व नगला बसोला में तो स्कूलों में झूला लगे बिना ही दिल्ली की फर्म को दो माह पहले ही भुगतान किया जा चुका है। इन तीनों ग्राम पंचायतों से चार जुलाई को दिल्ली की फर्म को 57000 रुपये प्रति झूला के हिसाब से भुगतान किया गया है। इसी फर्म ने जिले की ग्राम पंचायतों में थर्मल स्कैनर व ऑक्सीमीटर की सप्लाई की थी।
पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में फिरोजाबाद से थोक में इंसीनरेटर (नैपकिन डिस्ट्राय करने वाली मशीन) खरीदे गए। सभी सात ब्लाकों की ग्राम पंचायतों से करीब 200 से अधिक इंसीनरेटर का भुगतान भी कर दिया था। कमालगंज में एक साथ 50 इंसीनरेटर पहुंचने पर भाजपा नेता अशोक कटियार ने हंगामा कर दिया। इसके बाद हुई जांच में मुख्य विकास अधिकारी ने इंसीनरेटर आपूर्ति करने वाली फिरोजाबाद की सात फर्मों को काली सूची में डाल दिया था। हालांकि इन फर्मों का किसी भी ग्राम पंचायत से अनुबंध नहीं था। इसके बाद इंफ्रारेड थर्मल स्कैनर व ऑक्सीमीटर खरीद की शासन से गठित एसआईटी ने जांच शुरू की। तब तक करीब 225 सेेे अधिक ग्राम पंचायतें निर्धारित दर से महंगी दर पर थर्मल स्कैनर व ऑक्सीमीटर का भुगतान कर चुकी थीं। सर्वाधिक उपकरण दिल्ली की एक फर्म से खरीदे गए।
प्रधानों की सुनें
ग्राम पंचायत नगला बसोला की प्रधान अंजू देवी के पति सोरन सिंह ने बताया कि स्कूल में अभी झूला नहीं लगा है। कई बार कहने के बाद तत्कालीन सचिव राजीव गौतम ने फर्रुखाबाद स्थित एक गोदाम से चार दिन पहले झूला भेजा है। वहां करीब 20-25 और झूले भी रखे थे। दिल्ली की फर्म के संबंध में उन्हें जानकारी नहीं है। गांव बक्सुरी के प्रधान कमलेश सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले झूला आया है। अभी स्कूल में काम चलने की वजह से लगा नहीं है। गांव बछलैया के प्रधान चंद्रप्रकाश ने बताया कि सचिव के कहने पर उनका भतीजा चार दिन पहले झूला ले आया था। फिलहाल झूला आ गया है, लेकिन स्कूल में लगा नहीं है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
ग्राम पंचायतीराज सचिव राजीव गौतम ने बताया कि स्कूलों में जब झूले लगने ही थे तो भुगतान कर दिया गया। झूले प्रधानों ने ही खरीदे हैं। डीपीआरओ अमित कुमार त्यागी ने बताया कि बिना झूले लगे भुगतान करने के संबंध में जांच कर कार्रवाई की जाएगी।