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गबन व गोवंश तस्करी की जांच ठंडी, नहीं मिल रहे अभिलेख

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फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव सितवनपुर पिथू गोशाला में हुए गबन व 80 गोवंशों की तस्करी के मामले में जांच ठंडे बस्ते में चली गई है। जांच कमेटी को अभी तक अधिकारियों को पत्रावलियां ही उपलब्ध नहीं कराईं। वहीं, पोल खोलने वाले बीडीओ के सभी चार्ज छिन चुके हैं और वह अवकाश पर हैं।
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जिले की मॉडल गोशाला सितवनपुर पिथू में करीब 50 लाख रुपये गबन और 80 गोवंशों की तस्करी की आशंका जताते हुए बीडीओ गोपीनाथ पाठक ने जिला विकास अधिकारी को रिपोर्ट सौंपी थी।
उन्होंने भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए सचिव विनय कुमार सिंह पर स्थानांतरण के बाद भी दूसरे सचिव को चार्ज न देने का अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया था। इसके अलावा सचिव पर ग्राम पंचायत हरसिंहपुर शाही व बनकटी में बिना टेंडर के चहेते ठेकेदार को लाखों का भुगतान करने का आरोप लगाया है।
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रिपोर्ट में आरोप है कि ग्राम पंचायत कन्हऊ याकूबपुर, सिठऊपुर कुर्मी, करनपुर मजरा बांसमई, सिरौली, बीसलपुर बांगर, राजारामपुर मेई व उखरा में अपने करीबियों की फर्म को अनाधिकृत रूप से भुगतान कर दिया गया। इसमें लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता है।
वहीं, जन सहयोग से जमा किए गोशाला के दूसरे खाते से 74 लाख रुपये खर्च का कोई हिसाब नहीं दिया गया और गोशाला के नाम 60 बीघा भूमि पर पैैदा हुई गेहूं व धान की करीब 10 लाख रुपये की फसल को भी हजम कर लिया गया। सचिव ने इससे जुड़े भी कोई अभिलेख नहीं सौंपे। इस मामले में जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने पांच मई को सीडीओ की अध्यक्षता में एडीएम व पीडी की कमेटी गठित कर तीन दिन में जांच कर रिपोर्ट तलब की थी।
बताया जा रहा है कि खेल पर पर्दा डालने के लिए कई पत्रावलियां गायब कर दी गई हैं या छिपा दी गईं। फिलहाल 16 दिन बाद भी जांच ठंडे बस्ते में पड़ी है। जांच अधिकारी एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति ने बताया कि जांच के लिए पत्रावलियां मांगी गई हैं। पीडी राजमणि वर्मा अवकाश पर चले गए थे, अब वह भी वापस आ गए हैं। एक-दो दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी।
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