फतेहगढ़ स्थित जल निगम कार्यालय में प्रदर्शन करते कर्मचारी। संवाद
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पांच माह से वेतन न मिलने से नाराज जलनिगम कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को उन्होंने कार्यालय परिसर में धरना दिया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। 22 फरवरी तक वेतन न मिलने आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया।
उत्तर प्रदेश जल निगम संघर्ष समिति के निर्देश पर जिला संयोजक अवर अभियंता अवध बिहारी पाठक, दीपेंद्र कुमार निखिल प्रताप सिंह आदि कर्मचारियों ने सुबह से काम बंद कर दिया। परिसर में धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी।
कोषाध्यक्ष दिनेश सिंह ने कहा कि सितंबर 2020 से विभाग के किसी भी अधिकारी व कर्मचारी को वेतन नहीं दिया गया है। वहीं रिटायर्ड कर्मचारियों को पेंशन भी नहीं मिल रही है।
पांच माह से अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन व रिटायर्ड कर्मियों को पेंशन न मिलने से विभाग के करीब 60 लोग आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
जब तक वेतन नहीं मिलेगा, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। 22 फरवरी को आंदोलन और तेज कर हड़ताल कर दी जाएगी। कार्यालयों में ताला लगा दिया जाएगा।