रिश्वत प्रकरण में सर्जन के खिलाफ जांच शुरू
फर्रुखाबाद। आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति से पांच हजार रुपये लेकर महिला के हार्निया का ऑपरेशन करने के मामले में लोहिया अस्पताल के सर्जन के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी ने पीड़िता और शिकायतकर्ता पति के बयान दर्ज किए हैं। जांच अधिकारी से न्याय न मिलने की आशंका जताते हुए उसने सीएमओ को पत्र देकर अपने स्तर से जांच कराने की मांग की है।
कन्नौज जिले के थाना गुरसहायगंज के गांव मधवापुर निवासी ताराशंकर त्रिपाठी ने 26 जुलाई को लोहिया पुरुष अस्पताल के सर्जन इमरान अली से पत्नी देवकी का हार्निया का ऑपरेशन कराया था। आरोप है कि ऑपरेेशन से पहले पांच हजार रुपये की मांग की गई।
जब उन्होंने गरीबी की बात कहकर रुपये देने में असमर्थता जताई, तो सर्जन ने कानपुर रेफर करने की धमकी दे दी थी। इससे परेशान होकर पीड़ित ने फतेहगढ़ में रह रहे गांव के ही अपने दोस्त से रुपये उधार लेकर डॉक्टर के सामने ही उनके साथ रह रहे युवक को दे दिए थे। इसके तुरंत बाद ऑपरेशन कर दिया गया था।
इस मामले में अमर उजाला में 29 जुलाई के अंक में ‘लोहिया में रुपये लेकर डॉक्टर पर ऑपरेशन करने का आरोप’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। इससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद पीड़ित ने इसकी लिखित शिकायत सीएमएस से भी की थी।
जांच आर्थो सर्जन डॉ. वीके दुबे को सौंप दी गई। वीके दुबे ने 16 अगस्त को ताराशंकर के बयान दर्ज किए। इसमें उसने ऑपरेशन के नाम पर पांच हजार रुपये वसूल किए जाने की बात कही। पीड़ित जांच अधिकारी के रुख से असंतुष्ट दिखा।
शिकायतकर्ता ताराशंकर ने सीएमओ कार्यालय में एक पत्र रिसीव कराया। इसमें कहा कि लोहिया अस्पताल के जांच अधिकारी से उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है। इस गंभीर मामले की जांच अपने स्तर से कराने के साथ आरोपी डॉक्टर पर शीघ्र कार्रवाई कराएं। ताकि अन्य मरीजों के साथ भी न्याय हो सके।