फसल बीमा कं पनी ने खरीफ में सूखा नुकसानी के तहत 1652 किसानों के लिए ही
क्लेम का पैसा भेजा है। कंपनी ने 49 लाख 9006 रुपया रिलीज किया है। बाकी
किसानों के लिए पैसा भेजा जा रहा या नहीं इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
उधर 50 फीसदी से कम नुकसान वाले किसानों का मुआवजा पेंडिंग है।
खरीफ की
फसल के लिए 7991 किसानों की फसल बीमा से आच्छादित थी। जिले में फसल बीमा की
जिम्मेदारी एचडीएफसी एरगो के पास है। खरीफ की फसल में 7991 किसान फसल बीमा
से आच्छादित थे। बीमा कंपनी इनके क्लेम का पैसा 6 माह से अटकाए थी। अमर
उजाला के मुद्दा बनाने के बाद अधिकारी संजीदा हुए। कंपनी ने क्लेम का
भुगतान कर दिया। बीमा से आच्छादित सभी किसानों के क्लेम का पैसा नहीं भेजा
गया है। कंपनी ने बैंक शाखाओं को 49 लाख
9006 रुपया भेजा है। यह क्लेम 1652
किसानों का है। एलडीएम रवींद्र सिंह ने बताया कि बीमा कंपनी ने 1652
किसानाें का खरीफ की फसल का क्लेम 4909006 रुपया भेजा है।
रबी की फसल
में 50 फीसदी से कम नुकसानी वाले किसानों का मुआवजा पेंडिंग है। शासन ने
इनके लिए बजट जारी नहीं
किया है। बेमौसम बरसात में हुई नुकसानी के सर्वे के
बाद मुआवजा के लिए किसानों की सूची तैयार हुई थी। इसमें 539 किसानों के
खेतों में 50 फीसदी से ज्यादा नुकसान मिला था। इन्हें 17 लाख 90 हजार 120
रुपया मुआवजा का दे दिया गया। सर्वे में 25 से 49 फीसदी नुकसानी वाले
किसानों का भी सर्वे करवाया गया था। इस सर्वे में 378 गांवों में 7692
किसानों की सूची बनी है। इनका 2012 हेक्टेयर रकबा प्रभावित हुआ है। इनके
लिए शासन से मुआवजा की रकम अभी तक नहीं मिली है। एडीएम मनोज सिंघल ने बताया
कि डिमांड भेजी गई है।
बोया गया क्षेत्रफल :142094 हेक्टेयर
प्रभावित क्षेत्रफल:20430 हेक्टेयर
50 फीसदी से अधिक नुकसानी वाले किसान: 539
25 से 49 फीसदी नुकसानी के दायरे में गांव: 378
25 से 49 फीसदी नुकसानी के दायरे में आने किसान: 7692
50 फीसदी से ऊपर की नुकसानी वालाें को मुआवजा: 17 लाख 90 हजार 120 रुपया