कमालगंज सीएचसी में बने कोरोना वार्ड में पड़े बेड। संवाद
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फर्रुखाबाद। कोराना की दूसरी लहर की ही रफ्तार से यदि ओमिक्रॉन ने पैर पसारे तो स्वास्थ्य विभाग के संसाधन बौने साबित होना तय है। दूसरी लहर में अप्रैल में 3105 लोग संक्रमित हुए तो अस्पतालों में बेड ढूंढे नहीं मिले थे। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर से निपटने के लिए अब जिले के सात अस्पतालों में महज 195 बेडों का ही इंतजाम किया है।
कोरोना की दूसरी लहर में हांफने वाले स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर से निपटने की तैयारी में पूरा जोर लगा दिया। मरीजों के लिए ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए शासन ने करोड़ों रुपये खर्च कर जिले के छह अस्पतालों में प्लांट लगा दिए हैं, लेकिन दूसरी लहर की भयावहता को देखते हुए अस्पतालों में मरीजों के लिए पर्याप्त बेड के इंतजाम नहीं हो सके हैं। दूसरी लहर के मंजर पर नजर डालें तो फरवरी में पूरे जिले में 16 संक्रमित मिले थे। मार्च में यह संख्या बढ़कर 40 पहुंच गई। अप्रैल में पंचायत चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई तो संक्रमण भी तेजी फैलने लगा। 15 दिन में 692 लोग कोरोना की चपेट में आ गए।
नामांकन होते ही कोराना विस्फोटक हो गया। 30 अप्रैल तक यह संख्या 3105 हो गई। हालात यह थे कि अस्पतालों में बेड खाली नहीं मिल रहे थे। इलाज न मिलने से कई लोगों की जान चली गई थी। मई में रफ्तार धीमी पड़ने के बाद भी 2382 लोग संक्रमित हुए थे। उस दौरान स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी फतेहगढ़ में 100 बेड कर दिए थे। तीसरी लहर में आ रहे कोरोना के नए वैरियंट ओमिक्रॉन की रफ्तार कई गुना अधिक बताई जा रही है, जबकि जिले के सात अस्पतालों में 195 मरीजों को भर्ती कर आक्सीजन देने की ही व्यवस्था है। फरवरी में ओमिक्रॉन के तेजी पकड़ने की आशंका जताई जा रही है। उधर, विधानसभा चुनाव की भी तैयारी है। इससे खतरा और बढ़ने की आशंका है।
दूसरी लहर के दौरान अप्रैल में एक दिन में 200 से अधिक लोग संक्रमित पाए गए। औसतन 150 से अधिक लोग प्रति दिन संक्रमित होते थे। इनमें करीब 30 से 40 मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती थी। एक मरीज को अस्पताल में आठ से 10 दिन रखने पड़ते थे। मात्र सीएचसी फतेहगढ़ में 100 मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था थी। इससे 10 दिन में करीब 350 मरीजों में 100 को ही बेड मिल पाता था। अब तीसरी लहर में ऑक्सीजन युक्त 195 बेड की व्यवस्था की गई है। दूसरी लहर की तरह ओमिक्रान भयावह हुआ तो मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत आ सकती है।