कमालगंज। विकास खंड की ग्राम पंचायत डूंगरपुर के निवर्तमान प्रधान की पत्नी रीना सिंह चुनाव के समय पति की कोविड अस्पताल में सेवा करती रहीं। अस्पताल से पति की छुट्टी कराने के बाद गांव पहुंचने पर मतदान से पूर्व एक दिन ही वह वोट मांग पाईं। मतदाताओं ने उनकी झोली वोट से भरकर उन्हें ग्राम प्रधान का ताज पहना दिया।
डूंगरपुर में प्रधान पद की प्रत्याशी रेखा सिंह ने 18 अप्रैल को नामांकन किया था। 21 अप्रैल को चुनाव चिह्न लेने के लिए वह ब्लाक कार्यालय आने की तैयारी कर रही थीं कि उसी दिन सुबह उनके पति निवर्तमान प्रधान राजीव सिंह का ऑक्सीजन लेवल 60 आ गया। वह आनन-फानन में पति को लेकर कोविड अस्पताल फतेहगढ़ पहुंचीं।
दिनभर की भागदौड़ करने के बाद वह शाम को पति को भर्ती करा सकीं। बुखार आने के बाद ऑक्सीजन लेवल कम होने से जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे पति की सेवा के बाद आखिर पति की जिंदगी बचा ली। 26 अप्रैल को पति की कोविड अस्पताल से छुट्टी कराकर शाम को डूंगरपुर गांव पहुंची।
27 को वह गांव में वोट मांगने निकलीं तो लोगों ने कहा कि उनके चुनाव चिह्न किताब ने मानों गांव के सभी लोगों को सेवा का पाठ पढ़ा दिया। केवल एक दिन के प्रचार से वह प्रधान निर्वाचित हो गईं। उनके पति राजीव सिंह ने बताया कि पत्नी रेखा का चुनाव गांव की जनता ने खुद लड़ा है और जनता ने जिता दिया। राजीव सिंह ने बताया कि उनकी कोरोना जांच निगेटिव थी। ऑक्सीजन लेबल कम होने से उनकी हालत बिगड़ी थी।