फर्रुखाबाद। दहेज हत्या में कोर्ट ने पति को दोषी करार देकर सात वर्ष की सजा सुनाई है। दोषी को 10 हजार रुपये बतौर अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। साक्ष्य के अभाव में ससुर को दोषमुक्त किया गया है।
जनपद मैनपुरी थाना बेवर गांव नगला कुंज निवासी आमोद ने मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव अचरा खलवारा निवासी बेटी के पति विमलेश, ससुर जगदीश, ननद कल्पना, परिवारी राजेश व महावीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि पुत्री शोभा की शादी 8 फरवरी 2018 को विमलेश के साथ धूमधाम से की थी। शादी के कुछ माह बाद ही विमलेश सहित ससुरालीजन दहेज में एक लाख रुपये व सोने की चेन की मांग कर पुत्री शोभा को प्रताड़ित करने लगे।
मांग नहीं पूरी होने पर 8 दिसंबर 2018 को शोभा की हत्या कर शव फंदे पर लटका दिया। विवेचक ने जांच के बाद पति विमलेश व ससुर जगदीश के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश संदीप तिवारी ने शुक्रवार को गवाह व साक्ष्य के आधार पर विमलेश को दहेज हत्या में दोषी करार देकर सात वर्ष की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी को दस हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। साक्ष्य के अभाव में ससुर जगदीश को दोषमुक्त कर दिया।