फर्रुखाबाद। शहर के पांचालघाट स्थित गंगा पुल की मरम्मत का कराने के लिए शनिवार को एसपी ने मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने एक सप्ताह के लिए भारी वाहनों का रूट डायवर्जन कराने के निर्देश दिए। एसपी ने रूट डायवर्जन के लिए रविवार को अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
इटावा-बरेली हाईवे का चौड़ीकरण कर 730सी हाईवे में परिवर्तित कर सड़क चौड़ी होने से यातायात का दबाव भी बढ़ा है। शहर के पांचालघाट गंगा पुल वाहनों के दबाव से अब जर्जर हो चला है। इससे एनएचएआई की ओर से दो माह पहले मरम्मत कार्य प्रस्तावित किया गया था। रूट डायवर्जन की अनुमति न मिलने से मरम्मत कार्य नहीं हो सका। जबकि 13 जनवरी से मेला रामनगरिया शुरू होने से पुल पर वाहनों का और दबाव बढ़ना तय है। हादसे की आशंका को देखते हुए अमर उजाला ने 27 दिसंबर के अंक में, रूट डायवर्जन के इंतजार में पांचालघाट पुल मरम्मत का कार्य लटका, शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसका प्रशासन ने संज्ञान लिया। शनिवार को पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने एएसपी डॉ.संजय सिंह, यातायात प्रभारी सत्येंद्र सिंह, कादरीगेट थानाध्यक्ष आमोद कुमार, एनएचएआई के सेफ्टी मैनेजर लोकेंद्र सिंह के साथ पांचालघाट पुल का निरीक्षण किया। एसपी ने भारी वाहनों के रूट डायवर्जन की रणनीति बनाई। कहा कि पुल की मरम्मत का कार्य हर कीमत पर एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाए। फिलहाल भारी वाहनों के साथ छोटे वाहनों पर रोक लगाने के लिए काफी देर तक अधिकारियों में मंथन चलता रहा। निर्णय न हो पाने से एसपी ने रविवार को अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है। इसमें रूट डायवर्जन की योजना पर निर्णय लिया जाएगा।
मरम्मत में यह कार्य हैं शामिल
पांचालघाट पुल के ज्वाइंट के बीच में बड़े-बड़े गड्ढे होने से यातायात असुरक्षित साबित हो रहा है। इसको देखते हुए फोरलेन नये पुल का निर्माण स्वीकृत हो चुका है। फिलहाल कोई अनहोनी न हो, इसके लिए एनएचएआई को पुराने पुल की मरम्मत करने के आदेश दिए गए हैं। स्वीकृत मरम्मत कार्य में ज्वाइंट बदले जाएंगे। टूटी रेलिंग की मरम्मत होगी और सड़क पर वियरिंग कोड डाला जाएगा। पुल के नीचे झड़ी कंकरीट सही की जाएगी। पुल को उठाकर बेयरिंग बदलने की भी योजना है। मरम्मत कार्य के लिए एनएचएआई के अधिकारियों ने प्रशासन से एक माह का रूट डायवर्जन की अनुमति मांगी थी। 13 जनवरी से मेला रामनगरिया शुरू होने के बाद यातायात रोककर मरम्मत कार्य कराना चुनौती होगी। इससे पुल के ज्वाइंट के बीच में गड्ढे भरवाने का काम शुरू करा दिया गया था।
एक सप्ताह में मरम्मत कार्य किसी भी कीमत पर पूरा नहीं किया जा सकता है। रूट डायवर्जन की अनुमति कितने दिन के लिए मिलेगी, उसी हिसाब से मरम्मत कार्य भी तय होगा। दूसरी ओर टीएसआई सत्येंद्र सिंह ने बताया कि रूट डायवर्जन के लिए अधिकारियों के साथ रविवार को बैठक होगी।
शिवम सिंह, (पीडी) एनएचएआई