फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंदी रक्षक की संदिग्ध हालात में मौत

Wed, 13 Jul 2016 10:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
विज्ञापन
बंदी रक्षक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
 मैनपुरी जिला कारागार में कार्यरत बंदी रक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में  मौत हो गई। पुत्र के प्रार्थना पत्र पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
विज्ञापन

एटा जिला के गांव सूरजपुर का रहने वाला बंदी रक्षक रमेश सिंह अपने बेटे की ससुराल  थाना मऊदरवाजा के गांव सींगनपुर में मकान बनाकर पिछले कई साल से रह रहा है। वह मंगलवार को करीब 2 बजे अपने घर आया।

बेटा शिवम उर्फ शिवा उसके लिए खाना लेकर आया लेकिन उसने खाना नहीं खाया। बकौल, रवि बुधवार को उसके पिता का  शव पड़ा मिला। शिवम ने थाना मऊदरवाजा में प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि उसके पिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। वह मौत का कारण जानना चाहता है। इसलिए उनके शव का पोस्टमार्टम करा लिया जाए। पुलिस ने शिवम के प्रार्थना पत्र पर शव का पोस्टमार्टम कराया है।
विज्ञापन


बंदी रक्षक रमेश सिंह के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल डॉ. एचपी श्रीवास्तव और डॉ. कैलाश द्वारा किया गया। दोनों डॉक्टरों ने मौत का कारण दम घुटना बताया और बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राकेश कुमार का कहना है कि हैंगिंग से ही सफोकेशन होता है और दम घुटने से मौत हो जाती है।

डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी है। फिलहाल बंदी रक्षक रमेश सिंह के पैतृक गांव सूरजपुरा से लोग सींगनपुर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद उनके शव का अंतिम संस्कार पांचाल घाट किया गया। बेटे शिवम का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि उसकी मौत कैसे हुई है। गांव वालों का कहना है कि बंदी रक्षक रमेश शराब पीने का आदी था। वह 24 घंटे शराब के नशे में रहता था।
विज्ञापन


उसके आमाशय में शराब भी पाई गई है। इस वजह से उसका बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रमेश सिंह के ठोड़ी के नीचे एक चोट का दाग भी पाया गया है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें