सुंदरपुर गांव में बगैर तार के लगे खंभे
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पिछले पांच सालों से 12 गांव बाढ़ की मार का दर्द झेल रहे हैं। 2010-11 में आई भीषण बाढ़ से उड़ी तहसील क्षेत्र के गांव की बिजली अभी तक बहाल नहीं हुई है।
राजेपुर पावर हाउस से लोहिया गांव सुंदरपुर के अलावा कछुआ गाढ़ा, बर्राखेड़ा, भरहपुर, धीरजपुर, सबासी, कड़हर, सिया, बसायतपुर, कुंवरपुरा, गोपालपुर, नौअनपुरवा, कुड़री और करनपुरघाट में बिजली आपूर्ति की जाती है। वर्ष 2010-11 में आई भीषण बाढ़ में इन गांवों में लगे बिजली के खंभे और लाइनें टूट गई थीं। इसके चलते इन गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
लेकिन बाढ़ समाप्त होने के बाद आज तक इन गांवों में न तो बिजली के खंभे सही कराए गए हैं और न ही लाइनें ठीक हुई हैं। इसकी वजह से दर्जनों गांवों में बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि तारों और खंभों को ठीक कराए जाने की मांग कई बार वह लोग बिजली विभाग के अफसरों से लेकर जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों से मौखिक व लिखित रूप से कर चुके हैं लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
गांवों में कहीं खंभे जर्जर अवस्था में हैं तो कहीं पर खंभों से तार गायब हैं। ट्रांसफार्मर शो पीस बने हुए रखे हैं। वहीं, वर्ष 2014-15 में लोहिया गांव का दर्जा प्राप्त गांव सुंदरपुर में खंभे सही कर लाइनें डाली गईं। इसके बाद जब अफसर गांव का जायजा लेने आए तो बिजली आपूर्ति चालू कर दी गई और उनके जाते ही बिजली सप्लाई बंद कर दी गई। तब से लेकर आज तक गांव में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं की गई है।