गंगा फिर खतरे के निशान के करीब
अमृतपुर। गंगा व रामगंगा का जलस्तर शनिवार को फिर बढ़ गया है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से महज 15 सेंटीमीटर दूर 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। इससे गंगा के किनारे के गांवों में भी पानी बढ़ गया है। हरसिंहपुर कायस्थ में गंगा कटान कर रही है। कटान के भय से ग्रामीण घरों से सामान निकल कर ऊंचे स्थान को जाने लगे हैं।
गंगा व रामगंगा का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। इससे किनारे के गांवों में बाढ़ का पानी बढ़ गया है। गांवों में एक पखवाड़े से अधिक दिनों से पानी भरा है। घरों, रास्तों व खेतों में पानी भरा होने से लोग काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं। इससे घर मे मौजूद सदस्यों के लिए दो वक्त की रोटी की भी जुगाड़ नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है बाढ़ के कारण उनकी परेशानी कम नहीं हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी पशुओं के चारे की है। दोनों नदियों के जलस्तर में 5 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से 15 सेंटीमीटर दूर 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। शनिवार को नरौरा बांध से 63,496 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से हरसिंहपुर कायस्थ में कटान तेजी से होने लगी है। इससे ग्रामीण घरों को खाली कर ऊंचे स्थान पर जा रहे हैं।
तीसराम की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, अंबरपुर, चित्रकूट, करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर, सुंदरपुर, राजाराम की मड़ैया आदि गांवों में पानी भरा होने से ग्रामीणों को आने जाने व भोजन की समस्या बनी हुई है। प्रशासन मदद नहीं कर रहा है। जिन गांवों में पानी भरा है वहां के मनरेगा श्रमिकों को काम भी नहीं मिल पा रहा है।
बाढ़ग्रस्त गांवों में स्वास्थ्य टीमें नहीं पहुंच रही हैं। टीमें उन गांवों में भेजी जा रहीं हैं जहां बाढ़ का पानी नहीं है। उधर, रामगंगा में खो हरेली, रामनगर से 9384 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। रामगंगा का जलस्तर 134.30 से बढ़कर 134.35 मीटर पर पहुंच गया है।