फर्रुखाबाद। पहाड़ों पर हो रही बरसात और बांधों से छोड़ा जा रहा पानी अब ग्रामीण के लिए आफत साबित हो रहा है खेतों में खड़ी फसल जलमग्न हो गई है। बाढ़ से तकरीबन 250 गांव प्रभावित हो चुके हैं। लगभग 50 गांव के संपर्क मार्ग पानी की तेज धार से कट चुके हैं।
कंपिल से सिवारा होते हुए पटियाली कासगंज जाने वाले मार्ग पर भी डेढ़ फीट पानी चलने लगा है। वही चाचूपुर-कड़हर मार्ग जो कि जनपद हरदोई को जोड़ता है, पर भी दो फीट से ज्यादा पानी चल रहा है। बाढ़ के चलते जनपद के चार ब्लॉकों के करीब 250 गांव प्रभावित हो चुके हैं।
गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर 137.30 मीटर पर स्थिर है जबकि रामगंगा के जलस्तर में भी 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। रामगंगा का जलस्तर 136.85 मीटर पर पहुंच गया है जोकि खतरे के निशान से महज 25 सेंटीमीटर दूर है। नरौरा बांध से गंगा में 247534 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं रामगंगा में 23058 क्यूसेक पानी आने से इसका जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
घरों में बह रहा पानी, सड़क पर जीवन की नैया
फाेटो-34, इमादपुर सोमवंशी जाने वाली सड़क पर डेरा जमाएग ग्रामीण। संवाद
अमृतपुर। गंगा में आई बाढ़ से ग्रामीणों के घरों में पानी भर गया है। घरों में गंगा का पानी आने से ग्रामीणों को पलायन कर सड़क किनारे गुजर बसर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बाढ़ पीड़ित सड़क किनारे पाॅलिथीन तान कर जीवन काट रहे हैं। घरों से आने-जाने किए ग्रामीणों ने वाहनों के ट्यूब से देशी जुगाड़ कर नाव बनाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि घरों में गंगा मइया का वास होने के चलते सड़क किनारे ही रहना पड़ रहा है। तहसील क्षेत्र के गांव अंबरपुर की मड़ैया, पट्टी भरखा, चित्रकूट आदि गांवों के ग्रामीण ने सड़क के किनारे रात दिन रहने के लिए मजबूर हैं। अमृतपुर संवाद के अनुसार चाचूपुर कड़हर मार्ग पर पट्टी दारापुर, पट्टी भरखा, भरखा, व अर्जुनपुर के पास पानी काफी तेजी से सड़क पर बह रहा है। इस मार्ग से करीब 100 से अधिक गांव के लोगों का आवागमन है। अर्जुनपुर पुलिया के पास पानी का तेज बहाव होने के कारण सड़क कटने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क कट गई तो 50 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट जाएगा।