फर्रुखाबाद। गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटान भी शुरू हो गई है। इसके बावजूद अभी तक बाढ़ से बचाव के इंतजाम अधूरे हैं। परकोपाइन स्पर (तटबंध) में झाड़-झंखाड़ न भरे जाने से कटान रुकने के आसार नहीं हैं।
जिले में गंगा व रामगंगा की बाढ़ से हर साल करीब 250 से अधिक गांव प्रभावित होते हैं। सिंचाई विभाग से करोड़ों रुपये खर्च कर बचाव के इंतजाम किए जाते हैं। बीते साल तो करीब दो माह लगातार गंगा की बाढ़ से हालात काफी बदतर हो गए थे। इसको देखते हुए सिंचाई विभाग ने शासन से करीब 12 करोड़ से अधिक लागत के आठ प्रोजेक्ट स्वीकृत कराए। जनवरी में इन कार्यों के टेंडर भी किए गए। 15 जून तक सभी बाढ़ राहत कार्य पूर्ण करने के आदेश हैं। हालात यह हैं कि 15 दिन बाद भी अधिकांश कार्य पूर्ण नहीं हो सके। जबकि पहाड़ों पर हुई तेज बारिश से गंगा का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। इससे शमसाबाद क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार में गंगा की तेज धार से कटान भी शुरू हो गया है। गंगा का जलस्तर अधिक बढ़ गया तो अधूरे कार्य भी पूरे करना चुनौती होगी। इनसेट
बाढ़ राहत कार्यों पर एक नजर
तहसील अमृतपुर का क्षेत्र सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित है। यहां 1.15 करोड़ से कड़क्का तटबंध सुदृढ़ीकरण कार्य होना है। तीन करोड़ से कड़क्का तटबंध की सुरक्षा के लिए तटबंध के 7.450 किलोमीटर से अपस्ट्रीम में कटाव निरोधक कार्य किया जाना है। हालात यह हैं कि पत्थर पिचिंग व बोरी लगाने का कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया। पायलट चैनल की सफाई भी अधूरी है।
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अधूरी बनी पर्कोपाइन, पास में कटान शुरू
शमसाबाद। बाढ़ क्षेत्र के गांव पैलानी दक्षिण से समैचीपुर तक काटन को रोकने के लिए परकोपाइन बनाई गई थी। इसमें झाड़-झंखाड़ न भरे जाने से काम अधूरा पड़ा है। इसके चलते कटान शुरू होने से परकोपाइन भी आड़ी-तिरछी हो गई। सिंचाई विभाग के जेई प्रवीण कुमार ने बताया जलस्तर बढ़ने पर परकोपाइन में कूड़ा व झाड़-झंखाड़ डलवाया जाएगा। अभी डलवाने से सूख जाएगा। यहां 60 लाख रुपये से काम स्वीकृत है। कुछ ऐसा ही हाल गांव अचानकपुर का है। 80 फीसदी ही काम पूरा हो सका। गांव पंखियन की मड़ैया में 2.70 लाख से काम हो रहा है। यहां भी परकोपाइन में झाड़-झंखाड़ नहीं भरी गई। अचानकपुर में परकोपाइप स्टड कार्य 1.30 करोड़ रुपये से स्वीकृत है। यहां भी काम अधूरा पड़ा है।
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वह सभी कार्यों का निरीक्षण कराएंगे। शीघ्र ही बाढ़ से बचाव के कार्यों को पूर्ण कराया जाएगा। अभी तक कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो सके, इस संबंध में जवाब मांगा जाएगा।
सुभाष चंद्र प्रजापति, अपर जिलाधिकारी