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रामगंगा के कटान से 10 ग्रामीणों से छिन गई सिर से छत

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रामगंगा की तेज धार से अलादपुर भटौली में कटान होने पर मकान तोड़ता ग्रामीण। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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अमृतपुर। रामगंगा ने अलादपुर भटौली के 10 ग्रामीणों के सिर से छत छीन ली। सात ग्रामीणों के आवास रामगंगा समा गए। यह देखकर तीन ग्रामीणों ने खुद ही अपने पक्के मकानों को तोड़कर मलबा दूसरे स्थानों पर सुरक्षित रख दिया। जलस्तर बढ़ने से रामगंगा का में कटान तेज हो गई है। कटान देखकर गांव के अन्य लोग भी भयभीत है। गंगा का जलस्तर कम न होने से जिन गांवों में पानी भरा है, उनमें समस्या जस की तस है। डाक्टरों की टीम न पहुंचने से बीमार ग्रामीण दवा को तरस रहे हैं।
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गंगा का जलस्तर 136.90 मीटर पर पहुंचने के बाद कम नहीं हुआ। रविवार को नरौरा बांध से 83 हजार 374 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। जलस्तर 135.90 से बढ़कर 136.05 मीटर पर पहुंच गया है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में कटान तेज हो गया है। अलादपुर भटौली गांव में कटान सबसे ज्यादा हो रहा है।
कटान की चपेट में आने से किशनपाल, सीताराम, लंबे, सतीश, पंजाबी, विमलेश, नेकराम की झोपड़ी रामगंगा में समा गई। विदेश कुमार, राजेश व रिषीपाल ने कटान के भय से अपने पक्के मकानों को तोड़कर उसके मलबे को दूसरे स्थान पर रख दिया। तेज रफ्तार से हो रही कटान को देखकर गांव के लोग भयभीत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने पट्टे पर जमीन देने की बात कहीं थी, अभी तक जमीन नहीं दी है।
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अब उनके पास न तो घर है और न ही झोपड़ी डालने को जमीन। वे परिवार के साथ कहां गुजारा करेंगे। गंगा का जलस्तर न गिरने से गांवों में भरा पानी कम नहीं हो रहा है। इससे लोगों को आवागमन के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। उनके समक्ष पेट भरने, पशुओं के चारा की समस्या है। हरसिंहपुर कायस्थ व अन्य गांवों में खांसी, बुखार व खुजली से ग्रसित लोगों को दवा देने के लिए स्वास्थ्य टीम नहीं गई। इससे गांव के लोग दवा के लिए तरस रहे हैं।
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