फर्रुखाबाद। 22 साल पूर्व मुकदमे की रंजिश में गांव के रहने वाले पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या के मामले में जिला जज नीरज कुमार ने तीन भाइयों सहित पांच को दोषी करार दिया। प्रत्येक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई।
शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव दुदहा निवासी रामविलास ने गांव के ही रहने वाले पांच भाइयों सहित सात के खिलाफ दोहरे हत्याकांड की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें रामविलास ने बताया था कि करीब दो साल पहले गांव के रूपलाल का शव कटरी में मिला था। इसमें रूपलाल के बेटे महावीर ने रामविलास के भाई रूपराम सहित अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी सुनवाई अदालत में चल रही थी। इसे लेकर महावीर रंजिश मानने लगा। रूपराम ने नरेश धोबी का खेत बटाई पर लेकर उसमें मक्का बोई।
पांच अगस्त 2003 को भाई रूपराम व उसका बेटा रामपाल खेत में निराई कर रहे थे। उसी समय गांव के सूरजपाल, महावीर, भंवरपाल, राकेश व बाल अपचारी, लेखराम, बहादुर खेत में आ गए। भाई रूपराम व रूपराम के बेटे रामपाल की सभी ने मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पुलिस ने पिता-पुत्र की हत्या के मामले में सूरजपाल, महावीर, भंवरपाल, बाल अपचारी, राकेश, लेखराम, बहादुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। विवेचक ने कोर्ट में सभी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान भंवरपाल की मौत हो गई। बाल अपचारी की फाइल अलग कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे जिला जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सूरजपाल, महावीर, राकेश, लेखराम, बहादुर को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। सूरजपाल, महावीर राकेश पर 25 हजार व लेखराज, बहादुर पर 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।