मदरसों में हास्टलर छात्रवृत्ति घोटाले के बाद अब बच्चों के खातों में किसान सम्मान निधि की किस्तें मंगाकर लाखों का खेल किया गया। शिकायत पर हुई जांच में मामला सही पाया गया।
जिलाधिकारी ने मदरसा संचालक सहित तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश दिए हैं। वहीं तीन बच्चों के खातों में आई सम्मान निधि की चार-चार किस्तों की धनराशि वापस केंद्र सरकार के खाते में जमा करा दी गई है।
साइबर क्राइम के मास्टर माइंड अब सरकारी योजनाओं को भी निशाना बनाने लगे हैं। ऐसा ही मामला कमालगंज के गांव अजीजलपुर का सामने आया है। यहां की हुस्नआरा ने गांव के ही मदरसा संचालक सहित तीन लोगों के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की। कहा कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा चल रहा है।
भूमिहीन बच्चों के नाम पंजीकरण कराकर छात्रवृत्ति के बहाने उनके बैंक खातों में किसान सम्मान निधि की किस्त मंगाई जा रही है। 500 बच्चों के आधार कार्ड में संशोधन कर उनका जनपद एटा में पंजीकरण करा दिया गया है। खातों में सम्मान निधि की चार-चार किस्तें भी जा चुकी हैं।
उनके तीन नाबालिग बच्चों का एटा में पंजीकरण कराकर उनके खातों में निधि की राशि भेजी गई है। डीएम के आदेश से उपकृषि निदेशक राजकुमार ने जांच की तो मामला सही निकला। डीएम ने मदरसा संचालक, शिक्षक व कंप्यूटर आपरेटर पर एफआईआर के आदेश दिए हैं
बच्चों का गैरजनपद में पंजीकरण कराकर छात्रवृत्ति खाते समें सम्मान निधि की रकम मंगाने और निकालने में साइबर क्राइम के मास्टर माइंड के शामिल होने की आशंका है। इसमें राजस्व कर्मियों के शामिल होने की भी आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
इससे बिना सत्यापन के ही पंजीकरण कर लिया गया। रैकेट में आईडी हैकर भी शामिल हो सकते हैं। सम्मान निधि के लिए फीडिंग तहसील स्तर से की जाती है। यदि राजस्व कर्मी इसमें शामिल नहीं हो तो एटा तहसील की आईडी हैक कर मनमाने तरीके से पंजीकरण कराया गया होगा। अब बच्चों के खातों से सम्मान निधि की किस्तें निकाली जा रही हैं।
शिकायतकर्ता हुस्नआरा ने डीएम से की शिकायत में बताया था कि फर्जीवाड़ा करने वाले रैकेट के सदस्यों के पास बैंक फ्रेंचाइजी, सीएससी, लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगर डिवाइस आदि इलेक्ट्रानिक उपकरण हैं। डीएम मानवेंद्र सिंह के आदेश से उपकृषि निदेशक राजकुमार ने गांव अजीजलपुर पहुंचकर जांच की तो शिकायत सही पाई गई। उन्होंने बताया कि गांव में दो मदरसे हैं। शिकायतकर्ता के तीनों बच्चे नाबालिग हैं।
पिता के नाम कुछ भूमि है। लेखपाल ने बच्चों के पिता के सम्मान निधि के लिए अपात्र होने की रिपोर्ट लगाई थी। जिलाधिकारी ने आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। बच्चों के नाम आई सम्मान निधि की धनराशि भारत सरकार के खाते में जमा करा दी गई है।
हुस्नआरा के पति मुस्लिम गुजरात के बड़ोदरा में सब्जी की ठेली लगाते हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए उनकी बेटी शिफा का पंजीकरण जनपद एटा के गांव आसपुर रा निवासी दिखाकर किया गया। उसके स्टेट बैँक खाते में 14 अप्रैल, 18 जून, 10 अगस्त व 25 दिसंबर को चार किस्तों में दो-दो हजार रुपये भेजे गए।
सुमारा बानो का भी इसी पते से पंजीकरण कराया गया। बेटे हस्सान खान का एटा के गांव अलीपुर से पंजीकरण कराया गया। इसके अलावा गांव की निदा बानो, अरशद खान, गुलकशा बानो आदि भूमिहीनों के नाम पर एटा से सम्मान निधि की किस्तें जारी की जा रही हैं।
मदरसा छात्रों के आधार कार्ड व बैंक खाता नंबर प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों के पास होते हैं। तीन वर्ष पूर्व मदरसा छात्रों के नाम से हास्टलर छात्रवृत्ति निकाल ली गई थी। मामला खुला तो शासन की सख्ती पर अधिकांश मदरसा संचालकों ने हास्टलर छात्रवृत्ति जमा करा दी, जबकि धनराशि जमा न करने वाले नौ मदरसा संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।