फर्रुखाबाद। कोरोना महामारी के बीच डेढ़ माह पूर्व चल रहे लॉकडाउन में सब्जी में नरमी थी। जून में शुरू हुए अनलॉक-1 के बाद सब्जी ने रंग दिखाना शुरू किया। अब सब्जियों का राजा आलू की कीमत डेढ़ गुना उछाल मारी गई, वहीं बदहाली का शिकार टमाटर का रंग 10 गुना सुर्ख हो गया है।
सब्जी की कीमतें पिछले महीने से लगातार उछाल मार रही हैं। घरों में हर समय इस्तेमाल होने वाला आलू अब लोगों की जेबें ढीली करने लगा लगा है। लॉकडाउन के दौरान बाजार में आलू 15 से 20 रुपये प्रति किलो बिक रहा था। इसके बाद कीमतें बढ़ीं तो आलू इन दिनों 30 रुपये के भाव बिक रहा है। वहीं लॉकडाउन में टमाटर की सबसे अधिक बदहाली रही। 8 से 10 रुपये प्रति किलो बिकने वाला टमाटर कई बार तो थोक मंडी अर्रा पहाड़पुर में किसानों को फेंकना पड़ा था। गत माह से टमाटर के दिन बहुरे तो इसकी लालिमा बढ़ती चली गई।
इन दिनों टमाटर का रंग सुर्ख होकर भाव 80 रुपये प्रति किलो पहुंच गया है। इससे टमाटर आम लोगों की पहुंच से दूर होने लगा। इसके अलावा 10 से 15 रुपये प्रति किलो बिकने वाली हरी मिर्च का भाव 30 रुपये पहुंच गया और घुइयां भी 20 रुपये से उछाल मारकर 40 रुपये प्रति किलो पर जा पहुुंची। बंद गोभी भी महंगाई में पीछे नहीं है। हालांकि कद्दू और तोरई अपनी पुरानी चाल से चल रही हैं। भोलेपुर स्थित सब्जी दुकानदार रजत राजपूत ने बताया कि टमाटर इन दिनों थोक में 65 रुपये किलो मिल रहा है। इससे वह एक कैरेट ही खरीदकर लाते हैं। जबकि आलू में चिप्सोना व 3797 प्रजाति की मांग अधिक है। उसी पर महंगाई भी बढ़ती जा रही।