फर्रुखाबाद जिले के नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान नदारद मिलने पर अपर शिक्षा निदेशक ने राजेपुर के तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी (बीईओ) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इनकी रिपोर्ट जिलाधिकारी स्तर से शासन को भेजी गई थी। इस समय वह कमालगंज में तैनात हैं।
मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं वाले आकांक्षात्मक विकास खंड राजेपुर के कंपोजिट विद्यालय अमृतपुर का 31 मई को नागरिक सुरक्षा एवं राजनैतिक पेंशन विभाग के विशेष सचिव मनोज कुमार राय ने भौतिक निरीक्षण किया था। इसमें उन्हें स्कूल में ताला बंद मिला था। विशेष सचिव को स्कूल में पेयजल, बिजली, कक्षाओं में फर्नीचर, क्रियाशील शौचालय, प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता आदि की स्थिति का भौतिक सत्यापन करना था।
स्कूल के बाहर काफी देर इंतजार के बाद उस समय राजेपुर में तैनात बीईओ अनूप कुमार सिंह नहीं पहुंचे थे। इस मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया था। तत्कालीन बीएसए गौतम प्रसाद ने कन्या कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक मयंक त्रिवेदी और कंपोजिट विद्यालय प्रथम के प्रधानाध्यापक अजीत कुमार को निलंबित कर दिया था। जबकि बीईओ अनूप कुमार सिंह को बीएसए कार्यालय संबद्ध किया गया था। इसके बाद उनकी तैनाती कमालगंज में कर दी गई थी।
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने 13 जून को निरीक्षण आख्या प्रेषित की थी। इसी का संज्ञान लेते हुए अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) कामता राम पाल ने मंगलवार को बीईओ को निलंबित कर दिया। आदेश में कहा कि बीईओ की ओर से भेजा गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं है। उन्होंने अपने पदीय दायित्वों के प्रति उदासीनता बरती है।
उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना कर विभाग की छवि धूमिल की। पर्यवेक्षणीय शिथिलता बरतने तथा कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन किया। इस मामले में अनुशासनिक कार्रवाई की जाती है। इस मामले की जांच मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक कानपुर को सौंपी जाती है। निलंबन के दौरान बीईओ को मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय में संबद्ध किया गया है। बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने बीईओ अनूप कुमार सिंह को निलंबित कर दिया है।