कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद पुलिस हिरासत में जेल जाते दोषी।
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15 वर्ष पूर्व रंजिश में गांव के सात लोगों ने मारपीट व फायरिंग कर परिवार के छह लोगों को घायल कर दिया था। इलाज के दौरान एक की मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई कर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम मेराज अहमद ने हत्या में सात लोगों को दोषी ठहराया। प्रत्येक दोषी को उम्र कैद की सजा सुनाई। सभी पर दो लाख तेईस हजार रुपये जुर्माना लगाया।
थाना कमालगंज क्षेत्र के गांव कुन्दन नगला निवासी फूल सिंह पुत्र लालमन ने गांव के ही सात लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि 13 जुलाई 2010 को शाम करीब 6 बजे पुरानी रंजिश के चलते सुरेंद्र सिंह पुत्र मुंशीलाल अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक लेकर भाई रामरतन, साथी पवन व माखनलाल पुत्र रामपाल, रामपाल व मुंशीलाल पुत्र रामचन्द्र व नवरतन पुत्र नामालूम तमंचों और देशी बंदूक लेकर आए।
उसके चचेरे भाई राजबहादुर पर जान से मारने की नीयत से फायर झोंक दिया। गोली लगते ही राजबहादुर घायल होकर गिर पड़ा। बचाने दौड़े परिवार के ग्रीश, विमनेश उर्फ गोरेलाल, अशोक, नंंदराम, विकास व मां सुखदेवी भी गोलियों की चपेट में आकर घायल हो गई। आरोपियों ने गालियां देते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग की। जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आरोपी फायर करते हुए भाग निकले।
ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए लोहिया अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान चचेरे भाई राजबहादुर की मौत हो गई। पुलिस ने रिपोर्ट हत्या के अपराध में तरमीम कर जांच की। विवेचक ने विवेचना पूरी कर सात के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से तेज सिंह राजपूत ने दलीलें दीं। मामले की सुनवाई कर रहे एडीजे नौ मेराज अहमद ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। गवाह व साक्ष्य के आधार पर सभी को हत्या के मामले में दोषी ठहराया। प्रत्येक दोषी को उम्र कैद की सजा सुनाई। साथ ही सभी पर दो लाख तेईस हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया।