फर्रुखाबाद। आधार के जरिए सम्मान निधि में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गई है। जिले के 1000 ऐसे किसानों के नाम सामने आए हैं जो आयकर देने के बाद भी सम्मान निधि का लाभ लेते रहे। किसी ने एक तो किसी ने छह किस्तें तक ले लीं। अब मामला सामने आया तो कृषि विभाग में भी हड़कंप मच गया। अफसर इन किसानों से रिकवरी के लिए नोटिस भेज रहे हैं।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में पात्र व्यक्ति भले ही वंचित रह जाएं, लेकिन अपात्र यह मौका नहीं छोड़ते। कुछ ऐसा ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में हुआ। खेती के साथ बड़ा कारोबार कर आयकर देने वाले भी सम्मान निधि लेने से नहीं चूके।
अब इन किसानों से सम्मान निधि की धनराशि वसूूलने के लिए नोटिस भेजी जा रही हैं। उप कृषि निदेशक राजकुमार ने बताया कि आयकर देने वाले 1000 किसानों की सूची बनाकर उन्हें रिकवरी नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उनके खातों में भेजी गई सभी किस्तों की धनराशि वसूली जाएगी।
सम्मान निधि के लिए यह हैं अपात्र
भूतपूर्व या वर्तमान संवैधानिक पद धारक, पूर्व या वर्तमान मंत्री, केंद्र/राज्य सरकार के अधिकारी या कर्मचारी, मासिक पेंशन 10 हजार से अधिक होने पर, आयकर अदा करने वाला, पंजीकृत व्यापारी, संस्थागत भूमि धारक, कृषि योग्य भूमि का दूसरे कार्य में इस्तेमाल करने वाला, परिवार में एक सदस्य ही पात्र है। पति के साथ पत्नी या बच्चे, मृतक, भूमिहीन किसान, एक फरवरी 2019 के बाद भूमि का बैनामा करने वाले किसान सम्मान निधि के लिए अपात्र माने गए हैं।