कायमगंज। घर की सुख-समृद्धि के लिए घसिया चिलौली की महिलाएं हर माह के पहले मंगलवार को बाबा के दरबार में जाती थीं। पर उन्हें क्या मालूम था कि इस सुख-समृद्धि की उम्मीद में उनका पूरा परिवार ही बिखर जाएगा।
सड़क हादसे में जान गंवाने वाली रूपरानी शर्मा की देवरानी सुनीता शर्मा, मीना शर्मा की देवरानी मंजू शर्मा सभी एक ही परिवार की हैं। साथ ही रूपरानी के पौत्र गोपी शर्मा (9) व मीना शर्मा की नातिन औरैया निवासी आरोही (7) थी। शर्मा परिवार की आर्थिक स्थित अच्छी नहीं है। सभी के घरों के लोग लकड़ी का काम करते हैं। आवास भी छोटे और दुर्दशाग्रस्त हैं।
मंजू व उनकी जेठानी मीना के आवास कच्चे हैं। बुधवार सुबह शव उठने के बाद मंजू की बहन और मीना की बेटी कोमल आवास के बाहर गमगीन बैठी थीं। उन्होंने अपने घरों के हाल दिखाए और कहा कई बार आवास के लिए आवेदन किया, मगर मिल नहीं सका। मंजू के घर एक कच्ची कोठरी में उनके बुजुर्ग ससुर रामसनेही लेटे थे। मंजू ने कच्ची छत का मिट्टी व कूड़ा नीचे न गिरे इसलिए साड़ी लगा दी थी।
कोमल ने बताया कि परिवार की इतनी आमदनी नहीं है, जिससे घर बना सकें। मां मीना व चाची को मंजू को यह भरोसा था कि भोले बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने से शायद ईश्वर प्रसन्न हो जाएं तो उनका भी आशियाना बन जाए।
परिजनों के नहीं थम रहे आंसू
गांव में एक साथ आठ लोगों की मौत से आसपास के लोग भी गमजदा हैं। घटना की सूचना के बाद से कई घरों में चूल्हा भी नहीं जला। रूपरानी व अन्य के परिवार के लिए गांव के लोगों ने खाने पीने की व्यवस्था कराई। सुनीता शर्मा शव घर से जाने के बाद उनके घर उनकी बेटियां पूजा और प्रियंका मां के जिक्र करते करते बार-बार बिलख पड़ती थीं। उन्होंने बताया कि उनके भाई नरेंद्र और अमित की शादी हो चुकी है। भाई सुमित और बहन प्रियंका की शादी होनी है। मां का सपना था कि सभी बहन, भाइयों की शादी उनके सामने हो जाए, मगर शायद ऊपर वाले को यह मंजूर नहीं था।
पीड़ित परिवार के घर पहुंचे एसडीएम और सीओ, मिलेगी मदद
कायमगंज। मंगलवार देर रात गांव चिलौली में जब शव पहुंचे तो एसडीएम गौरव शुक्ला व सीओ सोहराब आलम भी पहुंच गए। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और उन्हें सरकारी मदद का भरोसा दिया। एसडीएम गौरव शुक्ला ने बताया कि मृतकों में अधिकांश पेशे से मजदूर हैं। सभी की आर्थिक स्थित का आकलन किया गया है। इसमें यह देखा जा रहा है कि पहले कौन-कौन सरकारी योजना का इन लोगों को लाभ मिल चुका है या लाभ नहीं मिला है। सभी को सरकारी मदद के लिए रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी गई है। मृतकों के परिजनों की हर संभव मदद की जाएगी।