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लोहिया अस्पताल: ढाई हजार रुपये लेने के बाद किया इलाज

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फर्रुखाबाद। लोहिया पुरुष अस्पताल की इमरजेंसी में घायल संविदा लाइनमैन के इलाज के लिए एक कर्मचारी ने ढाई हजार रुपये वसूल लिए। घायल के भाई का आरोप है कि रुपये देने के बाद इलाज शुरू हुआ। शिकायत पर भी किसी कर्मी ने सुनवाई नहीं की।
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अमृतपुर थाने के गांव करनपुर दत्त के निवासी सुरेंद्र कुमार (30) कस्बे के विद्युत उपकेंद्र में संविदा पर लाइनमैन है। रविवार शाम गांव नगला हूसा के पास बिजली की लाइन सही करके उपकेंद्र जा रहा था। नगला हूसा मोड़ के पास अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी।
इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर में भर्ती कराया गया। हालत खराब होने पर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में एक कर्मचारी ने मेडिकल और इलाज के लिए सुरेंद्र के भाई प्रमोद कुमार से ढाई हजार रुपये ले लिए।
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प्रमोद ने बताया कि रुपये लेने के बाद ही भाई का इलाज शुरू किया गया। उसने रुपये लेने की शिकायत ड्यूटी पर आए डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों से की, मगर किसी ने एक नहीं सुनी। मजबूरी में वह चुप हो गया। प्रमोद ने बताया कि वह रुपये लेने वाले को सामने आने पर पहचान लेंगे।
रात में बाहरी लोगों के कब्जे में होती इमरजेंसी
लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी रात के वक्त बाहरी लोगों के कब्जे में होती है। यहां कई ऐसे युवक हैं, जो इंटर्नशिप करने आए और फिर यहीं के होकर रह गए। बाहरी युवक बाकायदा मरीजों का इलाज करते हैं।
इस दौरान ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी रात भर आराम फरमाते हैं। यही नहीं, ओपीडी और भर्ती रजिस्टर पर मरीजों के नाम व पता लिखने की जिम्मेदारी फार्मासिस्ट की होती है, मगर दोनों रजिस्टरों पर बाहरी युवक रात के वक्त लिखा पढ़ी करते हैं।
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