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पहले दिन नहीं हुई खरीद की बोहनी

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गांव हमीरपुर स्थित धान क्रय केंद्र पर बैठे प्रभारी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। जनपद में सोमवार को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी धान खरीद के लिए क्रय केंद्र खोल दिए गए। पहले दिन सरकारी केंद्रों की बोहनी नहीं हुई। किसानों से केंद्र प्रभारी संपर्क करते रहे। आढ़तों पर 1300 से 1400 रुपये क्विंटल में धान बेचा गया। सरकारी भाव 1940 रुपये निर्धारित है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की खरीद के लिए जनपद में 13 सरकारी क्रय केंद्र बनाए गए हैं। सोमवार को 12 क्रय केंद्र खुल गए लेकिन कहीं भी खरीद नहीं हुई।
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सातनपुर मंडी स्थित विपणन शाखा के धान क्रय केंद्र पर प्रभारी नीरू मौजूद मिलीं। उन्होंने बताया कि कुछ किसान संपर्क करने आए थे। उन्हें धान लाने से पहले जांच के लिए नमूना लाने को कहा गया है। नमूने की जांच कर मानक पूरे होने पर ही धान खरीदा जाएगा। पहले दिन धान नहीं आया। वहीं एफसीआई के क्रय केंद्र पर भी सन्नाटा था। केंद्र प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि दो किसानों ने संपर्क किया है। धान लेकर नहीं आए।
सातनपुर मंडी में आढ़तों पर धान की बिक्री चलती रही। 1300 से 1400 रुपये क्विंटल सामान्य धान खरीदा गया। वहां मौजूद किसानों का कहना है कि बारिश से खेत में पानी भरने से धान काला पड़ गया है। क्रय केंद्र पर धान के मानक पूरे करना मुश्किल है। इससे वह आढ़त पर धान बेच रहे हैं। कीमत भले ही कम है, लेकिन पैसे नगद मिल जाते हैं।
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नवीन मंडी स्थल मोहम्मदाबाद धान खरीद केंद्र पर धन खरीदने के लिए कांटा तो लगाया गया, लेकिन कोई किसान अपना धान लेकर नहीं पहुंचा। केंद्र प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि 14 किसानों को सुविधा के लिए टोकन दे दिया गया है। यही हाल राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव हमीर सोमवंशी धान क्रय केंद्र का रहा। वहां भी शाम तक धान खरीद के नाम पर बोहनी नहीं हुई।
बारिश से धान की गुणवत्ता हुई खराब
अक्तूबर में हुई जोरदार बारिश ने धान की गुणवत्ता खराब कर दी है। पानी में भीगने से धान कहीं काला पड़ गया है तो कहीं दागी हो गया। अभी धान में नमी भी अधिक है। सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद से पहले जांच के लिए धान का नमूना मंगाया जा रहा है। ज्यादातर धान मानकों पर खरा नहीं उतर रहा। बारिश में भीगने से अभी धान में नमी अधिक है, जबकि सरकारी खरीद 17 प्रतिशत से अधिक नमी पर रिजेक्ट कर दिया जाता है। इससे किसान आढ़तों का रुख कर रहे हैं। सोमवार को आढ़तों पर धान पहुंचने के साथ तौल होती नजर आई, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
डिप्टी आरएमओ विवेक कुमार सिंह ने बताया कि उन्होंने सातनपुर के दोनों क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। अन्य केंद्रों पर क्षेत्रीय विपणन अधिकारियों से निरीक्षण कराया गया। पीसीएफ का क्रय केंद्र रुदायन बंद मिला। उन्होंने इस संबंध में पीसीएफ जिला प्रबंधक व एआर कोआपरेटिव को अवगत करा दिया है। उन्होंने बताया कि किसी भी केंद्र पर पहले दिन धान न पहुंचने से खरीद नहीं हुई।
धान की गुणवत्ता में छूट के लिए लिखा पत्र
डिप्टी आरएमओ विवेक कुमार सिंह ने बताया कि सरकारी खरीद में धान के जो मानक तय किए गए हैं, उस पर धान खरा नहीं उतर रहा है। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए उन्होंने धान की गुणवत्ता में छूट के लिए खाद्य आयुक्त को पत्र लिखा है। वहां से जवाब मिलते ही किसानों को धान की गुणवत्ता में छूट दी जाएगी।
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