फर्रुखाबाद। वर्ष 2003 में ब्रांडेड मीट मसाले का नमूना जांच में फेल होने के मामले में एसीजेएम प्रथम ने मिलावटखोर को छह माह की सश्रम कैद की सजा सुनाई है। उसे 1000 रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
तत्कालीन खाद्य निरीक्षक ओपी सिंह ने कमालगंज क्षेत्र के गांव चौसपुर निवासी संजीव कुमार राजपूत की याकूतगंज स्थित दुकान पर 27 जनवरी 2003 को छापा मारा था। इस दौरान दुकान में ब्रांडेड मीट मसाले का स्टॉक मिलने पर उन्होंने नमूना लिया था। लखनऊ प्रयोगशाला में कराई गई जांच में मीट मसाला मिथ्याछाप मिलने के साथ मानकों के विपरीत पाया गया। इसके बाद अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी(प्रथम) के न्यायालय में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान सुनने के बाद निर्माता कंपनी को मुकदमे से अलग कर दिया गया।
सुनवाई के बाद 15 सितंबर को एसीजेएम-प्रथम ने फैसला सुनाते हुए खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम 1954 के तहत दोषी पाए जाने पर संजीव कुमार राजपूत को छह माह का सश्रम कारावास व 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभिहित अधिकारी सय्यद शाह नवाज हैदर आबिदी ने बताया कि मुकदमे की पैरवी खाद्य सुरक्षा अधिकारी बिजेंद्र कुमार ने की थी।