वीरेंद्र सिंह की फाइल फोटो। संवाद
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फर्रुखाबाद। बंद कमरे में आबकारी सिपाही का शव पड़ा मिला। करंट से मौत होने की आशंका जाहिर की गई है। सिपाही का एक हाथ पंखे के ऊपर रखा हुआ मिला। दो दिन से पुत्र सिपाही को फोन कर रहा था। फोन न उठने पर उसके विभाग के अधिकारियों को सूचना दी थी। इस पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जनपद आगरा के गांव मीठापुर निवासी आबकारी के सिपाही वीरेंद्र कुमार सिंह (58) जनपद इटावा से 20 जुलाई को स्थानांतरण पर फर्रुखाबाद आए थे। वह फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के भोलेपुर निवासी रीता कटियार के मकान में किराये पर रह रहे थे। शनिवार को वीरेंद्र ड्यूटी करने के बाद अपने कमरे पर सोने के लिए चले गए। मैनपुरी जनपद में आबकारी में तैनात सिपाही पुत्र श्यामवीर सिंह ने शनिवार रात को पिता को फोन किया था। लेकिन फोन उठा ही नहीं। रविवार को भी कई बार उसने पिता से बात करने का प्रयास किया। लेकिन फोन उठा ही नहीं।
सोमवार को श्यामवीर ने आबकारी निरीक्षक नीरज तिवारी को सूचना देकर बताया कि पिता वीरेंद्र का फोन नहीं उठ रहा है। श्यामवीर मैनपुरी से फतेहगढ़ आया और आबकारी अधिकारियों के साथ मौके पर गया। वहां दीवार फांदकर कुंडी खोली गई तो कमरे से बदबू आ रही थी। अंदर जाकर देखा तो सिपाही वीरेंद्र कुमार सिंह मृत पड़े थे। उनका एक हाथ फर्राटा पंखे के ऊपर रखा था। करंट से सिपाही की मौत की आशंका जाहिर की गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वीरेंद्र की पत्नी बिरमा देवी गांव में ही रह रहीं हैं। उनके एक ही पुत्र श्यामवीर है।
जिला आबकारी अधिकारी राजेश प्रसाद ने बताया कि सिपाही वीरेंद्र अपने घर में मृत अवस्था में मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारण का पता चलेगा।