फर्रुखाबाद। कमालगंज ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत गदनपुर देवराज में कराए गए विकास कार्यों में फर्जीवाड़ा पाए जाने पर प्रधान के अधिकार सीज किए जा चुके हैं। अंतिम जांच के लिए टीम गठित है। मंगलवार को आरईएस के सहायक अभियंता अंतिम जांच करने गांव पहुंचे। ग्रामीणों के आदेश मांगने पर वह नहीं दिखा सके। इस पर ग्रामीणों ने उनका घेराव कर लिया। भीड़ लगने से लॉकडाउन की धज्जियां उड़ी, वहीं सहायक अभियंता बिना जांच के ही हाथ-पांव बचाकर निकले।
ग्राम पंचायत गदनपुर देवराजपुर में कराए गए विकास कार्यों में जमकर धांधली की गई। ग्रामीणों की शिकायत पर सितंबर व अक्टूबर में करीब 12 विकास कार्यों की जांच हुई तो बिना काम कराए ही लाखों की धनराशि आहरित करने का मामला पकड़ में आया। इस पर प्रधान के अधिकार सीज कर विकास कार्य के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी गई। वहीं अंतिम जांच के लिए एआर कोआपरेटिव, पीडब्ल्यूडी व आरईएस के एई की तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी।
मंगलवार को आरईएस के एई विनय मिश्रा, अवर अभियंता राजीव गोयल के साथ गांव में जांच करने पहुंच गए। जानकारी मिलते ही ग्रामीण एकत्र हो गए। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान जांच के संबंध में आदेश मांगा तो एई जवाब नहीं दे सके। इस पर ग्रामीणों ने तत्कालीन प्रधान के पक्ष में जांच के नाम पर लीपापोती करने आने का आरोप लगाकर विरोध शुरू कर दिया। माहौल बिगड़ता देख सहायक अभियंता बिना जांच के ही जीप में सवार होकर लौट गए।