भोजपुर स्थित क्वारंटीन सेंटर में बैठे पानीपत में दरी बनाने वाला कारीगर, उसकी पत्नी व बच्चे। संवा?
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कमालगंज। विकास खंड राजेपुर के गांव हमीरपुर सोमवंशी निवासी हरियाणा से आए एक ही परिवार के 3 बच्चों के साथ उनके मात-पिता भी भोजपुर स्थित कृषि महाविद्यालय में क्वारंटीन हैं। बच्चों के पिता बताया कि वह हरियाणा के पानीपत में दरी बनाने की वह फैक्टरी में 12 साल से काम करता था।
लॉकडाउन होते ही फैक्टरी बंद हो गई। आखिरकार पांचों लोग 29 मार्च को पानीपत से पैदल ही निकल पड़े थे। 154 किलोमीटर पैदल व मिले साधनों की सहायता से मानेसर पहुंचे। वहीं रोक कर वापस ले जाकर क्वारंटीन कर दिया गया। अब यहां भोजपुर में पत्नी व 3 बच्चों के साथ समय गुजार रहे हैं।
बड़ा पुत्र गंगापार महात्मा गांधी इंटर कालेज राजेपुर में कक्षा 9 में पढ़ रहा है। गांव के स्कूल में कक्षा 7 में पढ़ रही पुत्री, कक्षा 4 में पढ़ रहे पुत्र व छोटे बेटे के साथ 3 माह पूर्व पत्नी को गांव से पानीपत ले गया था। विचार था कि इस साल तीनों बच्चों को पानीपत के ही स्कूल में अच्छी शिक्षा दिलाएंगे। लेकिन कोरोना महामारी से फैक्टरी बंद हो गई। सारे सपने चकनाचूर हो गए।